HIGHLIGHTS
- सनसनीखेज वारदात: बरियारपुर के भेलवा घाट से 3 बड़ी नावें और 7 डेंगी एक साथ गायब।
- साजिश या दुश्मनी? कुल्हाड़ी से नावों को काटकर डुबोने की कोशिश; जनरेटर और पाइप भी क्षतिग्रस्त।
- आंशिक बरामदगी: बूढ़ी गंडक नदी में बहती मिलीं 4 डेंगी, बाकी नावों का अब तक सुराग नहीं।
- बड़ा आर्थिक झटका: नाव संचालकों को लगभग ₹8 लाख के नुकसान का अनुमान; पुलिस जांच में जुटी।
मुंगेर | 15 मार्च, 2026
मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने गंगा और बूढ़ी गंडक के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिणमार थाना क्षेत्र के भेलवा घाट पर शनिवार की देर रात अज्ञात बदमाशों ने न केवल नावों को गायब कर दिया, बल्कि किसानों के सिंचाई उपकरणों को भी जमकर नुकसान पहुँचाया। इस रहस्यमय घटना के बाद से मछुआरों और किसानों में दहशत का माहौल है।
कुल्हाड़ी से वार और रस्सी काटकर ‘जल समाधि’ की कोशिश
नाव संचालक अनिल सिंह और तीलो सिंह ने बताया कि वे वर्षों से भेलवा घाट पर नावों का परिचालन करते हैं, जो स्थानीय ग्रामीणों के लिए खेती-बारी के वास्ते नदी पार करने का एकमात्र जरिया है। शनिवार रात काम खत्म कर वे नावों को मोटी रस्सियों से बांधकर घर चले गए थे। रविवार सुबह जब वे घाट पहुँचे, तो वहां से 3 बड़ी नावें और 7 डेंगी नदारद थीं। छानबीन के दौरान पता चला कि बदमाशों ने नावों को कुल्हाड़ी से काटकर क्षतिग्रस्त किया और उन्हें डुबोने या बहा देने की साजिश रची थी।
खेतों में भी तांडव: ₹8 लाख की संपत्ति खाक
स्थानीय नाविक चंद्रशेखर सिंह के अनुसार, बदमाशों की मंशा केवल नाव चोरी की नहीं, बल्कि भारी नुकसान पहुँचाने की थी। घाट के पास खेतों में रखे जनरेटर और सिंचाई के पाइपों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। कुल मिलाकर पीड़ितों को 8 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद हरिणमार घाट के पास बूढ़ी गंडक नदी से 4 डेंगी तो मिल गई हैं, लेकिन 3 बड़ी नावों और 3 डेंगी का अब तक कोई पता नहीं चला है।
पुलिस की जांच: आपसी रंजिश या संगठित गिरोह?
सूचना मिलते ही हरिणमार थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी आपसी रंजिश का नतीजा है या इलाके में कोई ऐसा गिरोह सक्रिय है जो नदी किनारे के संसाधनों को निशाना बना रहा है। पीड़ितों ने पुलिस से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और नुकसान की भरपाई की गुहार लगाई है।
VOB का नजरिया: नदी किनारे की सुरक्षा ‘राम भरोसे’?
मुंगेर में नावों का इस तरह गायब होना कोई सामान्य चोरी नहीं है। ये नावें किसानों की ‘लाइफलाइन’ हैं, जिनके बिना खेती-बारी ठप हो जाती है। रस्सियों का कटा होना और कुल्हाड़ी के निशान यह बताते हैं कि यह वारदात पूरी योजना के साथ की गई है। अगर 10 नावें एक साथ गायब की जा सकती हैं, तो अंदाजा लगाइए कि घाटों पर सुरक्षा की क्या स्थिति है। पुलिस को चाहिए कि गश्त बढ़ाए और नदी के उन रास्तों की पड़ताल करे जहाँ इन बड़ी नावों को छिपाया जा सकता है।


