पूर्णिया में ‘डांस’ पड़ा भारी! अस्पताल में होली का हुड़दंग देख भड़के DM; प्रभारी डॉक्टर साहब की कुर्सी छिनी, वित्तीय प्रभार भी रद्द

HIGHLIGHTS

  • बड़ी कार्रवाई: बनमनखी अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रिंस कुमार पर गिरी गाज।
  • वीडियो कांड: होली पर एएनएम (ANM) के साथ डांस का वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुई थी जांच।
  • DM का हंटर: जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने स्पष्टीकरण ‘असंतोषजनक’ पाकर पद से हटाया।
  • जीरो टॉलरेंस: सरकारी अस्पताल की गरिमा तार-तार करने पर प्रशासन का सख्त संदेश।

पूर्णिया/बनमनखी | 15 मार्च, 2026

​पूर्णिया जिले के बनमनखी अनुमंडल अस्पताल में ‘होली का खुमार’ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को इतना महंगा पड़ा कि उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई। अस्पताल परिसर में अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए एएनएम के साथ ठुमके लगाने का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कड़ा एक्शन लिया है। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने न केवल डॉक्टर साहब का जवाब खारिज किया, बल्कि उनके कार्य और वित्तीय प्रभार भी तत्काल प्रभाव से छीन लिए हैं।

वायरल वीडियो ने खोली पोल, अस्पताल बना था ‘डांस फ्लोर’

​मामला कुछ दिन पहले का है जब होली के अवसर पर अस्पताल के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। वीडियो में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रिंस कुमार और एक एएनएम फिल्मी गानों पर थिरकते नजर आ रहे थे। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ मरीज और उनके परिजन गंभीर स्थिति में होते हैं, वहां इस तरह के ‘जश्न’ ने सरकारी व्यवस्था और डॉक्टर की नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए थे।

स्पष्टीकरण से खुश नहीं हुए डीएम: “असंतोषजनक और अस्वीकार्य”

​वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने प्रिंस कुमार और संबंधित एएनएम से स्पष्टीकरण (Show-cause) मांगा था। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर साहब ने अपने जवाब में इसे महज त्योहार की खुशी बताया था, लेकिन डीएम अंशुल कुमार को यह दलील रास नहीं आई। डीएम ने स्पष्टीकरण को ‘असंतोषजनक’ करार देते हुए इसे अस्वीकृत कर दिया और सख्त कदम उठाते हुए उन्हें प्रभार मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया।

वित्तीय प्रभार भी छीना, अब बढ़ेगी जांच की आंच

​प्रिंस कुमार से न केवल अस्पताल की कमान ली गई है, बल्कि उनके वित्तीय अधिकारों (Financial Powers) पर भी रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन के इस कदम से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। संबंधित एएनएम पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

VOB का नजरिया: जश्न मनाइए, पर ‘गरिमा’ मत भूलिए!

​होली का त्योहार खुशियों का है, लेकिन एक सरकारी अस्पताल ‘पिकनिक स्पॉट’ या ‘डांस क्लब’ नहीं हो सकता। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का यह आचरण न केवल गैर-जिम्मेदाराना था, बल्कि उन मरीजों के प्रति असंवेदनशील भी था जो अस्पताल में दर्द और उम्मीद लेकर आते हैं। डीएम अंशुल कुमार की यह त्वरित कार्रवाई एक नजीर है कि पद की गरिमा और अनुशासन के साथ समझौता करने वालों के लिए बिहार प्रशासन में कोई जगह नहीं है। डॉक्टर साहब को याद रखना चाहिए था कि स्टेथोस्कोप की अपनी एक मर्यादा होती है।

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