गाजियाबाद में देश के खिलाफ बड़ी साजिश नाकाम! ISI एजेंट को रेलवे और आर्मी की गोपनीय जानकारी भेजते 6 गिरफ्तार; दिल्ली कैंट में लगाया था ‘जासूसी कैमरा’

HIGHLIGHTS

  • आतंकी साजिश का पर्दाफाश: कौशांबी थाना पुलिस ने देशव्यापी आतंकी हमलों की बड़ी योजना को किया विफल।
  • ISI से सीधा कनेक्शन: आरोपितों के मोबाइल में मिला पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट का नंबर और चैट्स।
  • दिल्ली कैंट में जासूसी: दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर लगाया था ‘सोलर बेस्ड सीसीटीवी कैमरा’, जिसका एक्सेस पाकिस्तान के पास था।
  • कड़ी धाराएं: आरोपितों पर बीएनएस की धारा 152 और ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज।

साहिबाबाद (गाजियाबाद) | 14 मार्च, 2026

​देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान प्रायोजित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गाजियाबाद की कौशांबी थाना पुलिस ने 6 ऐसे देशद्रोहियों को गिरफ्तार किया है, जो भारतीय सेना के ठिकानों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों की लाइव लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) को भेज रहे थे। इस खुलासे के बाद खुफिया विभाग (IB) और तमाम सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

दिल्ली कैंट स्टेशन पर लगाया था ‘पाकिस्तानी कैमरा’

​जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन को लेकर हुआ है। मुख्य आरोपित सुहेल उर्फ रोमियो ने स्टेशन परिसर में एक ‘सोलर बेस्ड सीसीटीवी कैमरा’ अवैध रूप से स्थापित किया था। इस कैमरे का पूरा एक्सेस उसने पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट को दे रखा था, जिससे वह घर बैठे भारतीय ट्रेनों और यात्रियों की आवाजाही पर नजर रख रहा था। इसके अलावा मुंबई, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्रों की लोकेशन भी साझा की गई थी।

6 राज्यों के 6 आरोपित: पैसों के लालच में बने ‘गद्दार’

​पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर इन आरोपितों को दबोचा। गिरोह का मास्टरमाइंड सुहेल है, जो मेरठ में छिपकर रह रहा था। उसके साथ संभल की रहने वाली साने इरम उर्फ महक भी गिरफ्तार हुई है, जो सीधे पाकिस्तान के संपर्क में थी। अन्य आरोपितों में प्रवीन (कौशांबी), राज वाल्मीकि (औरैया), शिवा वाल्मीकि (बदायूं) और रितिक गंगवार (शाहजहांपुर) शामिल हैं। ये लोग अन्य युवाओं को रुपयों का लालच देकर संवेदनशील ठिकानों की फोटो-वीडियो मंगवाते थे।

8 मोबाइल और संदिग्ध चैट्स बरामद

​एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर के अनुसार, आरोपितों के पास से 8 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन फोन में रेलवे स्टेशनों और आर्मी बेस के सैकड़ों वीडियो और फोटो मिले हैं। पुलिस अब इनके ‘बैकवर्ड लिंकेज’ खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्हें फंडिंग कहाँ से हो रही थी और इनके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

VOB का नजरिया: तकनीक और गद्दारी का खतरनाक कॉम्बिनेशन

​दिल्ली कैंट जैसे सुरक्षित इलाके में सोलर कैमरा लगाकर उसका एक्सेस पाकिस्तान को देना सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी सेंध है। यह घटना बताती है कि अब दुश्मन केवल सीमा पार से नहीं, बल्कि हमारे बीच छिपे इन स्लीपर सेल्स के जरिए तकनीकी युद्ध लड़ रहा है। पैसों के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इन आरोपितों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो एक नजीर बने। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए नई गाइडलाइंस की सख्त जरूरत है।

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