भागलपुर में ‘राजस्व’ बढ़ाने पर महामंथन! मैरिज हॉल और कोचिंग संस्थानों पर GST की पैनी नज़र; टैक्स चोरी रोकने को विभाग का नया मास्टरप्लान

HIGHLIGHTS

  • राजस्व वृद्धि पर सेमिनार: भागलपुर समीक्षा भवन में “Brainstorming on Revenue Augmentation” विषय पर विशेष चर्चा।
  • टैक्स पोटेंशियल की पहचान: मैरिज हॉल और कोचिंग सेंटर्स जैसे क्षेत्रों में टैक्स वसूली बढ़ाने पर जोर।
  • शत-प्रतिशत रिटर्न का लक्ष्य: विभाग ने कर विशेषज्ञों से 100% रिटर्न फाइलिंग और बकाया वसूली में मांगा सहयोग।
  • विशेषज्ञों के सुझाव: रेंटल प्रॉपर्टी और प्रोफेशनल टैक्स से राजस्व बढ़ाने पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने दिए महत्वपूर्ण इनपुट।

भागलपुर | 14 मार्च, 2026

​राज्य के खजाने को भरने और कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए भागलपुर का जीएसटी (GST) विभाग अब ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। शनिवार को समीक्षा भवन में आयोजित एक विशेष सेमिनार में विभाग के आला अधिकारियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), अधिवक्ताओं और जीएसटी प्रैक्टिशनर्स के साथ मिलकर राजस्व बढ़ाने की रणनीति तैयार की। संयुक्त आयुक्त राज्य कर (भागलपुर-1 एवं 2) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कर प्रणाली की जटिलताओं और नए संभावित टैक्स क्षेत्रों पर विस्तार से मंथन किया गया।

टैक्स प्रोफेशनल के साथ साझा किया ‘रोडमैप’, कोचिंग और मैरिज हॉल पर नजर

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त आयुक्त राज्य कर मिनी ने स्पष्ट किया कि राजस्व वृद्धि में टैक्स प्रोफेशनल्स की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने टीडीएस (TDS) अनुपालन, आईटीसी (ITC) रिवर्सल और 100% आईटीसी के उपयोग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने खास तौर पर मैरेज हॉल और कोचिंग सेंटर्स जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि यहाँ टैक्स की बड़ी संभावनाएं हैं, जिन्हें सही ढंग से टैप करने की जरूरत है। उन्होंने उपस्थित विशेषज्ञों से व्यावहारिक अनुभव और सुझाव साझा करने का आग्रह भी किया।

रिटर्न फाइलिंग और ग्रॉस प्रॉफिट पर जोर

​वहीं, संयुक्त आयुक्त राज्य कर संजीत कुमार ने कर भुगतान की पारदर्शिता पर बात की। उन्होंने कहा कि यदि शत-प्रतिशत रिटर्न फाइलिंग सुनिश्चित की जाए और ‘सकल लाभ’ (Gross Profit) के आधार पर कर का भुगतान हो, तो राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि संभव है। उनका फोकस टैक्स नेट को बड़ा करने और बकाया सरकारी राजस्व की त्वरित वसूली पर रहा।

विशेषज्ञों की राय: रेंटल प्रॉपर्टी और प्रोफेशनल टैक्स से बढ़ेगा फंड

​सेमीनार में भाग ले रहे कई कर विशेषज्ञों ने विभाग के सामने अपने सुझाव रखे:

  • अधिवक्ता आकृति: लंबित कर वादों (Tax Disputes) का शीघ्र निपटारा कर राजस्व प्राप्ति बढ़ाई जा सकती है।
  • सीए पुनीत चौधरी: किराये पर दी गई व्यावसायिक संपत्तियों (Rental Properties) से कर वसूली की संभावनाओं को उजागर किया।
  • अधिवक्ता राणा: प्रोफेशनल टैक्स की प्रभावी वसूली का मुद्दा उठाया।
  • वरिष्ठ सीए पी.के. झुनझुनवाला: उन्होंने विभाग और कर पेशेवरों के बीच बेहतर समन्वय के लिए ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की।

​इस अवसर पर सहायक आयुक्त आकाश आनंद, मयंक प्रकाश, विवेक मिश्रा, आशीष सौरभ और आशुतोष सहित बड़ी संख्या में प्रोफेशनल मौजूद रहे।

VOB का नजरिया

​राजस्व बढ़ाना केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक साझा प्रक्रिया है। भागलपुर जीएसटी कार्यालय की यह पहल सराहनीय है क्योंकि मैरिज हॉल और कोचिंग जैसे ‘कैश-फ्लो’ वाले सेक्टर अक्सर टैक्स के दायरे से बाहर रह जाते हैं या कम टैक्स देते हैं। हालांकि, विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ‘राजस्व वृद्धि’ के नाम पर ईमानदार करदाताओं या प्रोफेशनल्स का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। विभाग और टैक्स प्रोफेशनल्स के बीच का यह ‘समन्वय’ ही बिहार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दे सकता है।

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