मुजफ्फरपुर के लीची बगान में आधी रात को स्कॉर्पियो से हो रही थी शराब की तस्करी; पुलिस ने बिछाया जाल, धंधेबाज दबोचा गया

HIGHLIGHTS

  • बड़ी कार्रवाई: अहियापुर पुलिस ने राघोपुर इलाके के एक लीची बगान में मारा छापा।
  • लाखों की खेप: लग्जरी स्कॉर्पियो में लदी विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद।
  • धंधेबाज गिरफ्तार: मौके से तस्कर मुकेश कुमार को पुलिस ने दबोचा, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज।
  • पटना से मिला इनपुट: मद्य निषेध विभाग, पटना की गुप्त सूचना पर की गई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’।

मुजफ्फरपुर | 14 मार्च, 2026

​मुजफ्फरपुर में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। अहियापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर इलाके में स्थित एक सुनसान लीची बगान को शराब की मंडी बनाया जा रहा था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। आधी रात के सन्नाटे में जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी से शराब की पेटियां उतारी जा रही थीं, तभी पुलिस की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

​इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहीं SDPO टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि मद्य निषेध विभाग, पटना से एक पुख्ता इनपुट मिला था। सूचना थी कि अहियापुर के लीची बगान में शराब की एक बड़ी खेप खपाने की तैयारी है। टीम ने बिना वक्त गंवाए आधी रात को ही छापेमारी की, जिसमें लाखों रुपये मूल्य की अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया गया।

​मौके से मुकेश कुमार नाम के एक धंधेबाज को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फिलहाल उससे कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड’ लिंकेज का खुलासा हो सके। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि शराब की यह खेप कहाँ से मंगवाई गई थी और मुजफ्फरपुर के किन-किन इलाकों में इसे सप्लाई किया जाना था।

VOB का नजरिया: लीची के बगान और शराब का ‘खतरनाक’ कनेक्शन!

​मुजफ्फरपुर में लीची के बगान अब केवल फलों के लिए नहीं, बल्कि अपराध की आड़ के लिए भी कुख्यात होते जा रहे हैं। घने पेड़ों के बीच अंधेरे का फायदा उठाकर माफिया तस्करी को अंजाम देते हैं। हालांकि, मद्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय ने इस बार धंधेबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। स्कॉर्पियो जैसी लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल पुलिस की नजरों से बचने के लिए किया जाता है, लेकिन ‘डिजिटल सर्विलांस’ और ‘गुप्त सूचनाओं’ के आगे माफियाओं का यह पैंतरा फेल हो गया। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस गिरोह के असली ‘किंगपिन’ तक पहुँच पाती है या यह कार्रवाई केवल एक प्यादे तक सीमित रह जाएगी।

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