मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का आज 15वां दिन है और इसके प्रभाव अब पूरी दुनिया में महसूस किए जा रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने सिलचर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समय दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे कठिन समय में भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि देश के नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस युद्ध का असर भारत के लोगों पर न्यूनतम रहे।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस नाजुक समय में कांग्रेस से एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाने की उम्मीद थी, लेकिन वह एक बार फिर राष्ट्रीय हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर असफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में दहशत का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि देश कठिनाइयों में फंस जाए और फिर सरकार पर लगातार हमले किए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया की कुछ ताकतें भारत के तेज विकास को पचा नहीं पा रही हैं और कांग्रेस उन्हीं ताकतों के हाथों की कठपुतली बनती जा रही है।
असम के विकास का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र है कि विकास की दौड़ में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पहले की कांग्रेस सरकारें सीमावर्ती इलाकों को देश के सबसे पिछड़े गांवों के रूप में देखती थीं, लेकिन भाजपा सरकार इन्हें देश के सबसे महत्वपूर्ण गांवों के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के अगले चरण की शुरुआत कछार जिले से की गई है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि असम में चाय बागानों में काम करने वाले हजारों परिवारों को भूमि अधिकार देकर राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।


