पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Ministry of External Affairs (India) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी है कि भारत के लिए निर्धारित कुछ जहाज सफलतापूर्वक Strait of Hormuz से गुजर चुके हैं और सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गए हैं।
जायसवाल के मुताबिक, भारत के दो जहाज शिवालिक और नंदा देवी इस अहम समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं और अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। हाल के दिनों में United States, Iran और Israel से जुड़े तनाव के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं।
92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं जहाज
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज शिवालिक और नंदा देवी में से प्रत्येक में 46 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी भरा हुआ है। इस तरह दोनों जहाजों के जरिए भारत को कुल लगभग 92,700 मीट्रिक टन LPG की आपूर्ति होगी।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में अभी भी कई भारतीय जहाज स्टैंडबाय मोड में मौजूद हैं। सरकार समुद्री सुरक्षा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और कई देशों के साथ कूटनीतिक स्तर पर संपर्क में है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है होर्मुज जलडमरूमध्य
Strait of Hormuz भारत के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। अनुमान के मुताबिक भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है।
यही वजह है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा भारत की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता से सीधे जुड़ी हुई है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार लगातार Iran और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ बातचीत कर रही है ताकि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता’
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर खतरा बढ़ गया था। रिपोर्टों के अनुसार कई जहाजों पर हमले भी हुए और कुछ देशों को अपने जहाजों के मार्ग बदलने पड़े।
इस बीच हाल ही में भारत और Iran के विदेश मंत्रियों के बीच भी बातचीत हुई, जिसमें समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस इलाके में कई भारतीय जहाज सक्रिय हैं और उन पर सैकड़ों भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। इसलिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Strait of Hormuz में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा कीमतों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल भारत सरकार स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।


