प्यार, परिवार और पिस्टल! मायके ने दुत्कारा तो गर्भवती महिला ने खुद को मारी गोली; बक्सर में ‘रिश्तों के कत्ल’ की खौफनाक दास्तां

HIGHLIGHTS:

  • खौफनाक वारदात: 6 महीने की गर्भवती महिला ने सीने में मारी गोली; आरा के निजी अस्पताल में भर्ती।
  • वजह: प्रेम विवाह के कारण मायके वालों ने ठुकराया; गर्भावस्था की खबर देने गई बेटी को घर से भगाया।
  • इलाज: डॉक्टर विकास सिंह की देखरेख में आंचल की हालत अब खतरे से बाहर।
  • पुलिस जांच: आखिर गांव के किस युवक ने दी गर्भवती महिला को पिस्टल? जांच में जुटी ब्रह्मपुर पुलिस।

मायके की ‘बेरुखी’ और 6 महीने का ‘नन्हा’ संघर्ष: आंचल ने क्यों उठाया खौफनाक कदम?

बक्सर: कहते हैं कि एक बेटी के लिए उसका मायका सबसे सुरक्षित जगह होती है, लेकिन बक्सर के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के कांठ गांव की आंचल कुमारी के लिए वही मायका ‘काल’ बन गया। 6 महीने की गर्भवती आंचल इस उम्मीद में अपने घर (ग्रहत्था गांव) गई थी कि शायद उसके आने वाले बच्चे की खबर सुनकर पत्थर दिल माता-पिता पिघल जाएंगे। लेकिन वहां उसे प्यार के बदले ‘धिक्कार’ मिला। रिश्तों की इस बेरुखी से टूटकर आंचल ने जो कदम उठाया, उसने पूरे जिले को झकझोर दिया है।

“सब ठीक हो जाएगा” की उम्मीद में मिली ‘नफरत’

​आंचल ने अस्पताल के बेड से दिए अपने वीडियो बयान में जो दास्तां सुनाई, वह रूह कंपा देने वाली है। आंचल के मुताबिक:

​”2021 में मंदिर में शादी के बाद से ही घरवाले नफरत करते थे। शुक्रवार को मैं उन्हें बताने गई थी कि वे नाना-नानी बनने वाले हैं। मुझे लगा वे खुश होंगे, लेकिन उन्होंने मुझे घर से बाहर निकाल दिया और ताने दिए। इसी मानसिक तनाव में मैंने गांव के ही एक लड़के से पिस्टल ली और खुद को गोली मार ली।”

पुलिस की रडार पर ‘अवैध हथियार’ देने वाला युवक

​घटना की सूचना मिलते ही ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि:

  1. ​एक गर्भवती महिला के पास पिस्टल कहाँ से आई?
  2. ​गांव का वह ‘रहस्यमयी’ युवक कौन है जिसने एक परेशान महिला को हथियार उपलब्ध कराया?
  3. ​क्या यह केवल आत्महत्या का प्रयास है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश?

पति प्रवीण का बयान: “मैं ड्यूटी पर था और पीछे से यह हो गया”

​आंचल के पति प्रवीण ने बताया कि वे दोनों एक-दूसरे को आंचल के मायके (जहाँ प्रवीण का ननिहाल है) से जानते थे। शादी के बाद से ही आंचल अपने मायके वालों का प्यार पाने के लिए तरसती थी। शुक्रवार को जब प्रवीण सीमेंट प्लांट में अपनी ड्यूटी पर थे, तब आंचल ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

VOB का नजरिया: झूठी शान के लिए अपनी ही कोख को ठुकराना कहाँ का न्याय है?

बक्सर की यह घटना समाज की उसी ‘झूठी आन-बान और शान’ की पोल खोलती है, जहाँ माता-पिता के लिए अपनी बेटी की खुशी से बड़ा उनका ‘ईगो’ हो जाता है। 2021 की शादी का गुस्सा 2026 में एक गर्भवती बेटी को खुदकुशी के मुहाने पर ले आया। आंचल की जान तो बच गई, लेकिन समाज और उस परिवार के लिए यह एक बड़ा ‘काला धब्बा’ है। प्रशासन को उस युवक को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजना चाहिए जिसने एक गर्भवती और मानसिक रूप से परेशान महिला के हाथ में ‘मौत का सामान’ थमाया।

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