HIGHLIGHTS:
- ममता पर कलंक: बांका के अमरपुर में मां ने ठुकराया 4 बच्चों का प्यार; प्रेमी संग हुई फरार।
- बेबस बचपन: घर में मां को ढूंढ रहे चार छोटे-छोटे मासूम; पिता की मेहनत पर फिरा पानी।
- खूनी संघर्ष: शिकायत करने पर प्रेमी के साथियों ने पति और ससुर को घेरकर पीटा; 3 लोग गंभीर रूप से घायल।
- पुलिस एक्शन: अमरपुर थाना अध्यक्ष बोले— “दोनों पक्षों से आवेदन मिला है, जांच के बाद होगी गिरफ्तारी।”
हैदराबाद में पसीना, घर में दगाबाजी: सरवन के अरमानों का हुआ कत्ल!
बांका: बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के कोशलपुर गांव से एक ऐसी खबर आई है जिसने रिश्तों की पवित्रता पर सवालिया निशान लगा दिया है। एक मां ने अपने चार मासूम बच्चों की सिसकियों को अनसुना कर प्रेमी के साथ नया संसार बसाने का फैसला किया। पति सरवन कुमार, जो सात समंदर पार (हैदराबाद) में दिन-रात मजदूरी कर पाई-पाई जोड़ रहा था ताकि बच्चों का भविष्य संवर सके, उसे जब पत्नी की ‘बेवफाई’ का पता चला, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
जब ‘इंसाफ’ मांगने पर मिली लाठियां!
सरवन कुमार रविवार को अपनी पत्नी से बात कर रहा था, तभी उसे भनक लगी कि घर में कुछ ठीक नहीं है। जब वह गांव पहुंचा, तो पता चला कि पत्नी संजीत के साथ फरार हो चुकी है।
- सीधा इनकार: सरवन ने पत्नी को फोन कर बच्चों की दुहाई दी, लेकिन उसने लौटने से साफ मना कर दिया।
- थाने का चक्कर: सरवन जब अमरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराकर लौट रहा था, तभी प्रेमी संजीत के साथियों ने उसे घेर लिया।
- जानलेवा हमला: आरोपियों ने लाठी-डंडों से सरवन और उसके बुजुर्ग पिता पर हमला कर दिया, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
मासूमों का क्या कसूर?
कोशलपुर गांव में सन्नाटा पसरा है, लेकिन सरवन के घर से बच्चों के रोने की आवाजें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चार छोटे बच्चे, जिन्हें ये भी नहीं पता कि ‘प्रेमी’ और ‘बेवफाई’ क्या होती है, वे बस अपनी मां की आंचल ढूंढ रहे हैं। पिता खुद जख्मी है और ससुर अस्पताल में, ऐसे में इन बच्चों का भविष्य अब अंधकार में नजर आ रहा है।
“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”— पुलिस
अमरपुर थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग और उसके बाद हुई मारपीट का है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
VOB का नजरिया: सोशल मीडिया और ‘कथित प्यार’ की बलि चढ़ते मासूम!
बांका की यह घटना समाज के गिरते नैतिक मूल्यों का आईना है। एक तरफ वो पति है जो हजारों किलोमीटर दूर अपनों के लिए पसीना बहा रहा है, और दूसरी तरफ वो मां जिसने अपनी कोख से जन्मे चार बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया। प्यार निजी मामला हो सकता है, लेकिन बच्चों के प्रति जिम्मेदारी को ठुकरा देना ‘अपराध’ है। प्रशासन को न केवल मारपीट करने वालों पर, बल्कि बच्चों के संरक्षण के लिए भी कड़े कदम उठाने चाहिए।


