
HIGHLIGHTS:
- सनसनीखेज हत्या: कसबा थाना क्षेत्र के मथोर गांव के ट्यूशन टीचर आबिद की क्रूरता से हत्या।
- खौफनाक मंजर: मक्के के खेत में मिला शव; हत्यारों ने निकालीं आंखें, शरीर पर चाकू के दर्जनों निशान।
- रहस्यमयी गायब: गुरुवार दोपहर ट्यूशन के लिए निकले थे, 24 घंटे बाद मिली लाश।
- जांच तेज: फॉरेंसिक (FSL) टीम ने घटनास्थल से जुटाए सबूत; कसबा पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन।
कलम पकड़ने वाले हाथों का ‘कत्ल’: पूर्णिया में दहशत का माहौल
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले से रूह कंपा देने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ कसबा थाना क्षेत्र के मथोर गांव में एक ट्यूशन टीचर की ऐसी निर्मम हत्या की गई है जिसे सुनकर इलाके के लोगों का कलेजा कांप गया है। करीब 20 साल से अपने ससुराल में रहकर बच्चों का भविष्य संवारने वाले आबिद अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनकी लाश शुक्रवार की सुबह पड़ोस के गांव कमालपुर के एक मक्के के खेत में क्षत-विक्षत हालत में पाई गई।
ससुराल में रहकर पाल रहे थे परिवार, किसी से नहीं थी दुश्मनी!
आबिद के ससुर अब्दुल गफ्फार ने बताया कि वह पिछले दो दशकों से उनके साथ ही रह रहे थे और गांव के बच्चों को पढ़ाकर अपने परिवार का पेट पालते थे।
- बेदाग छवि: परिजनों का दावा है कि आबिद का कभी किसी से कोई विवाद या झगड़ा नहीं हुआ।
- गायब होने का सिलसिला: गुरुवार दोपहर वह हमेशा की तरह ट्यूशन पढ़ाने निकले थे, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटे। पूरी रात तलाश के बाद सुबह उनकी मौत की खबर आई।
FSL की टीम और पुलिस का शिकंजा
घटना की जानकारी मिलते ही कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
- फॉरेंसिक जांच: हत्या के तरीकों को देखते हुए पटना से फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है ताकि मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
- पोस्टमार्टम: शव को पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है।
- पुलिस का बयान: थानाध्यक्ष ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को बेनकाब किया जाएगा।
VOB का नजरिया: क्या सुरक्षित नहीं हैं हमारे शिक्षक?
एक सीधा-सादा ट्यूशन टीचर जिसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी, उसकी ऐसी दर्दनाक हत्या कई सवाल खड़े करती है। आंखों को निशाना बनाना और चाकू से गोदना किसी गहरी नफरत या सुनियोजित रंजिश की ओर इशारा करता है। पूर्णिया पुलिस के लिए यह केस एक बड़ी चुनौती है। क्या यह किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है या फिर इलाके में कोई सिरफिरा गिरोह सक्रिय है? ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल हो ताकि आबिद के परिवार को न्याय मिल सके।


