HIGHLIGHTS:
- ऐतिहासिक गौरव: बिहार को मिला ‘बेस्ट स्टेट प्रमोटिंग स्पोर्ट्स’ का खिताब; देश भर में बिहार के खेल मॉडल की चर्चा।
- दिग्गज जूरी: सुनील गावस्कर, अभिनव बिंद्रा और विश्वनाथन आनंद जैसे दिग्गजों ने किया बिहार का चुनाव।
- शानदार पल: खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और DG रवीन्द्रण शंकरण ने मुंबई के भव्य समारोह में ग्रहण किया सम्मान।
- बदलता बिहार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ जैसी नीतियों का दिखा असर।
मैदान से मंच तक बिहार की ‘हैट्रिक’: खेलों का नया ‘पावर हाउस’ बना प्रदेश
मुंबई: कभी पिछड़ेपन के लिए चर्चा में रहने वाला बिहार अब खेल के मैदान में ‘फर्स्ट डिवीजन’ से पास हो रहा है। माया नगरी मुंबई में आयोजित प्रतिष्ठित ‘स्पोर्ट्स स्टार एसेस अवार्ड्स 2026’ में बिहार को देश का ‘बेस्ट स्टेट प्रमोटिंग स्पोर्ट्स’ चुना गया है। यह अवॉर्ड इस बात की तस्दीक है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में खेल के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और खिलाड़ियों के सम्मान में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।
[अवॉर्ड फाइल: दिग्गजों ने क्यों चुना बिहार?]
इस अवॉर्ड का निर्णय किसी साधारण टीम ने नहीं, बल्कि भारत के महानतम खिलाड़ियों की एक नेशनल जूरी ने लिया है।
जूरी के मुख्य सदस्य:
| नाम | पहचान |
| :— | :— |
| श्री सुनील गावस्कर | अध्यक्ष (महान क्रिकेटर) |
| श्री अभिनव बिंद्रा | ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट (निशानेबाजी) |
| श्री विश्वनाथन आनंद | शतरंज के जादूगर (ग्रैंड मास्टर) |
| सुश्री अंजलि भागवत | स्टार निशानेबाज |
| सुश्री अपर्णा पोपट | बैडमिंटन चैंपियन |
| श्री एम.एम. सोमैया | हॉकी दिग्गज |
“हर खिलाड़ी का सपना होता है यह मंच”— श्रेयसी सिंह
अवॉर्ड ग्रहण करने के बाद खेल मंत्री और खुद अंतरराष्ट्रीय शूटर सुश्री श्रेयसी सिंह भावुक दिखीं। उन्होंने कहा:
”स्पोर्ट्स स्टार वो पत्रिका है जिसे मैं बचपन से पढ़ती आ रही हूँ। आज उसी मंच पर बिहार को सर्वश्रेष्ठ राज्य का सम्मान मिलना, हर बिहारवासी के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के विजन और खिलाड़ियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज बिहार की छवि वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ हो रही है।”
भविष्य की बुलंदियां: DG रवीन्द्रण शंकरण का विजन
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक श्री रवीन्द्रण शंकरण ने इस पुरस्कार को राज्य के हर कोच और खिलाड़ी को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान हमें भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य अब बिहार को ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए ‘टैलेंट फैक्ट्री’ बनाना है।
VOB का नजरिया: क्या ‘ब्रांड बिहार’ का गेम-चेंजर बनेगा खेल?
बिहार को यह सम्मान मिलना कोई तुक्का नहीं है। ‘खेल यूनिवर्सिटी’ की स्थापना, प्रखंड स्तर पर स्टेडियमों का निर्माण और ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ जैसी योजनाओं ने खिलाड़ियों में नई जान फूंकी है। जिस जूरी में गावस्कर और बिंद्रा जैसे कड़े पारखी हों, वहां से ‘बेस्ट स्टेट’ का सर्टिफिकेट मिलना बताता है कि बिहार अब सही ट्रैक पर है। हालांकि, चुनौती अभी बड़ी है— इस सम्मान को ओलंपिक पदकों में बदलना ही असली परीक्षा होगी।


