बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में राष्ट्रीय किसान मेला–सह–प्रदर्शनी 16 से 18 मार्च तक, तैयारियाँ अंतिम चरण में

भागलपुर, 13 मार्च। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय किसान मेला–सह–प्रदर्शनी 2026 की तैयारियाँ जोरों पर चल रही हैं। विश्वविद्यालय परिसर में 16 से 18 मार्च तक तीन दिवसीय इस बड़े कृषि आयोजन को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है। इस मेले में बिहार सहित कई राज्यों के किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि उद्यमी, छात्र–छात्राएँ और कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य इस किसान मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और कृषि आधारित उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ना है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।

दलहन–तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर

इस वर्ष किसान मेले का मुख्य विषय “दलहन–तिलहन उत्पादन में वृद्धि द्वारा पोषण एवं खाद्य सुरक्षा” रखा गया है। इस विषय के तहत किसानों को दलहन और तिलहन की उन्नत किस्मों, आधुनिक खेती की तकनीकों तथा उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि देश में पोषण और खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

आधुनिक कृषि तकनीकों की दी जाएगी जानकारी

किसान मेले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी कई गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसमें किसानों को जलवायु अनुकूल उन्नत फसल किस्मों, आधुनिक खेती की तकनीकों, छोटे और उपयोगी कृषि उपकरणों, मिट्टी और जल संरक्षण की तकनीकों तथा आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा कृषि यंत्रीकरण, कृषि आधारित उद्योग और उद्यमिता से जुड़ी संभावनाओं पर भी किसानों को मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे वे खेती के साथ-साथ अन्य आय के स्रोत भी विकसित कर सकें।

किसानों और वैज्ञानिकों के बीच होगा सीधा संवाद

मेले के दौरान किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में किसान अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं को सीधे वैज्ञानिकों के सामने रख सकेंगे और उनका व्यावहारिक समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही मेले में उन्नत बीज एवं पौध सामग्री, कृषि जैव उत्पाद, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, पशु प्रदर्शनी, पुष्प प्रदर्शनी और उद्यान प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो किसानों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

विभिन्न विभागों की योजनाओं की भी दी जाएगी जानकारी

किसान मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।

मेले के लिए तैयार हो रहा विश्वविद्यालय परिसर

मेले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शनी पंडाल, स्टॉल, तकनीकी सत्रों के आयोजन स्थल और किसान गोष्ठियों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आगंतुकों और किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ भी की जा रही हैं।

राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में किसानों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।

कुलपति ने किसानों से की भागीदारी की अपील

इस संबंध में बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय किसान मेला किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से किसानों को नई कृषि तकनीकों, उन्नत किस्मों और कृषि आधारित उद्यमिता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।

उन्होंने बिहार सहित आसपास के राज्यों के किसानों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस किसान मेले में भाग लें और नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी किसानों, कृषि उद्यमियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे 16 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय किसान मेला–सह–प्रदर्शनी में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।

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