भागलपुर में ‘गैस’ पर पैनिक न हों! DM की हाई-लेवल मीटिंग में बड़ा खुलासा— “जरूरत से दोगुना स्टॉक, फिर भी 3 दिन का बैकलॉग; जानें क्यों मची है हाय-तौबा?”

HIGHLIGHTS:

  • प्रशासनिक एक्शन: DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गैस कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) के साथ की आपात बैठक।
  • स्टॉक रिपोर्ट: इंडियन ऑयल के पास 20,000 सिलेंडर का स्टॉक; सामान्य से दोगुना होने के बाद भी पैनिक बुकिंग से बढ़ी भीड़।
  • कमर्शियल गैस: किल्लत नहीं, बल्कि ‘सत्यापन’ (Verification) के लिए लगाई गई है रोक; पुलिस लाइन और जीविका को सप्लाई जारी।
  • DM का हंटर: भीड़ वाले गैस गोदामों पर तैनात होंगे मजिस्ट्रेट (दंडाधिकारी); कालाबाजारी पर रहेगी कड़ी नजर।

“डर का धुआं और सिलेंडर की लाइन”: भागलपुर में आखिर क्यों मची है अफरा-तफरी?

भागलपुर: खाड़ी देशों (Middle East) में बढ़ते तनाव ने भागलपुर की रसोई में ‘अदृश्य आग’ लगा दी है। शहर में फैली इस अफवाह को कि “गैस खत्म होने वाली है,” प्रशासन ने आज सिरे से खारिज कर दिया। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कलेक्ट्रेट में तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ घंटों मंथन किया। बैठक का लब्बोलुआब यह है— गैस गोदामों में भरी पड़ी है, बस जनता ‘डर’ के मारे जरूरत से ज्यादा बुकिंग कर रही है।

[IOCL का डेटा: स्टॉक है भरपूर, फिर क्यों है जनता दूर?]

​इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय प्रबंधक रमन गौतम ने जो आंकड़े रखे, वो हैरान करने वाले हैं:

मानक (Parameter)

सामान्य स्थिति (Normal)

वर्तमान स्थिति (Current)

प्रतिदिन स्टॉक

10,000 सिलेंडर

18,000 – 20,000 सिलेंडर

बैकलॉग (देरी)

01 दिन

03 दिन

बुकिंग का कारण

नियमित जरूरत

पैनिक (खाड़ी देशों के युद्ध का डर)

कमर्शियल गैस पर ‘पॉज’, डोमेस्टिक पर ‘प्ले’: कंपनियों की सफाई

​HPCL के शाहनवाज अनवर और भारत पेट्रोलियम के इंद्रनील अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस (Domestic Gas) की कोई कमी नहीं है।

  • कमर्शियल गैस: इस पर केवल ‘ग्राहक सत्यापन’ के लिए अस्थायी रोक है।
  • सप्लाई जारी: पुलिस लाइन, एएनएम (ANM), जीविका और टाटा स्टील जैसे सत्यापित संस्थानों को निरंतर आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों ने अपील की है कि इसका “गलत अर्थ” न निकाला जाए।

भीड़ वाले गोदामों पर ‘खाकी’ और ‘मजिस्ट्रेट’ का पहरा

​डीएम ने साफ कर दिया है कि पैनिक के नाम पर कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी।

​”जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वैसे गोदामों की लिस्ट बनाएं जहां ज्यादा भीड़ हो रही है। वहां दंडाधिकारी (Magistrates) तैनात किए जाएंगे ताकि वितरण पारदर्शी रहे और कोई हंगामे की स्थिति न बने।” — डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी

VOB का नजरिया: सिलेंडर नहीं, ‘अफवाहों’ का स्टॉक कम कीजिए!

जब कंपनियों के पास जरूरत से दोगुना स्टॉक है, तो किल्लत का सवाल ही नहीं उठता। भागलपुर की जनता ‘युद्ध’ के डर से घर में एक्स्ट्रा सिलेंडर भरने की जो होड़ मचा रही है, उसी ने 3 दिन का बैकलॉग पैदा कर दिया है। सरकार ऑनलाइन बुकिंग जारी रखे हुए है, इसलिए पैनिक होकर गोदामों पर भीड़ लगाना केवल ‘ब्लैक मार्केटियर्स’ को मौका देना है। प्रशासन को अब उन वेंडरों पर भी नकेल कसनी चाहिए जो इस पैनिक का फायदा उठाकर ‘अतिरिक्त वसूली’ की ताक में हैं।

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