पटना, 13 मार्च। बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को राजधानी पटना में सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी भरा संदेश ई-मेल के माध्यम से भेजा गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई। इसके बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करते हुए पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
सूचना मिलते ही विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक बुलाई। बैठक में विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बॉम्ब स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की जांच
धमकी की सूचना के बाद बॉम्ब स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमों को तुरंत विधानसभा परिसर में बुलाया गया। सुरक्षा विशेषज्ञों ने मेटल डिटेक्टर और विशेष उपकरणों की मदद से परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की।
साथ ही, सुरक्षा कर्मियों ने भवन के अंदर और बाहर मौजूद सभी संवेदनशील स्थानों की जांच की और किसी भी संदिग्ध वस्तु की तलाश की। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई।
आने-जाने वालों की सघन जांच
सुरक्षा एजेंसियों ने विधानसभा परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की जांच को अनिवार्य कर दिया है। मुख्य गेट से लेकर अन्य प्रवेश द्वारों तक सुरक्षा जांच को कड़ा कर दिया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
ई-मेल भेजने वाले की तलाश
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि धमकी भरा संदेश ई-मेल के जरिए भेजा गया था। इसके बाद साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह ई-मेल किस व्यक्ति या समूह ने और किस स्थान से भेजा।
अधिकारियों का बयान
अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही धमकी देने वाले व्यक्ति या गिरोह की पहचान कर ली जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पूरे विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।


