
HIGHLIGHTS:
- बड़ी कामयाबी: मिडिल स्कूल की 6वीं क्लास की दो छात्राओं को पुलिस ने तस्करों के चंगुल से छुड़ाया।
- साजिश: अगवा कर दोनों मासूमों को नेपाल की मंडियों में बेचने का था खतरनाक प्लान।
- गिरफ्तारी: गोपालगंज की एक महिला ऑर्केस्ट्रा संचालिका पुलिस के हत्थे चढ़ी; मुख्य सरगना होने का शक।
- लोकेशन: तरैया बाजार स्थित स्कूल से अगवा की गई थीं छात्राएं; परिजनों की शिकायत पर तुरंत एक्शन।
स्कूल से नेपाल तक ‘सौदा’ करने वाली गैंग बेनकाब: तरैया पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
तरैया: बिहार के सारण जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर अभिभावक के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। तरैया थाना क्षेत्र के तरैया बाजार स्थित एक मिडिल स्कूल से गुरुवार को 6वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छात्राओं को अगवा कर लिया गया। अपराधियों का इरादा इन बच्चियों को सीमा पार नेपाल ले जाकर बेचने का था। लेकिन पुलिस की तत्परता और खुफिया सूचना ने इस घिनौनी साजिश को मुकाम तक पहुंचने से पहले ही मिट्टी में मिला दिया।
कैसे बुना गया अगवा करने का जाल?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी महिला ने छात्राओं को बहला-फुसलाकर स्कूल से अगवा किया।
- नेपाल कनेक्शन: पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन छात्राओं को नेपाल में किसी गिरोह को सौंपने की डील हो चुकी थी।
- ऑर्केस्ट्रा की आड़ में धंधा: पुलिस को शक है कि यह महिला ऑर्केस्ट्रा की आड़ में लंबे समय से कम उम्र की लड़कियों की खरीद-फरोख्त (Trafficking) में शामिल है।
- रिकवरी: पुलिस ने घेराबंदी कर न केवल छात्राओं को सुरक्षित मुक्त कराया, बल्कि भागने की फिराक में बैठी संचालिका को भी दबोच लिया।
अभिभावकों में दहशत और ‘खाकी’ को सलाम
चैनपुर खराटी गांव निवासी एक पीड़िता के पिता ने गुरुवार को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए छापेमारी शुरू की। छात्राओं की बरामदगी के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन स्कूलों में सुरक्षा को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
VOB का नजरिया: क्या ‘सरस्वती के मंदिर’ भी सुरक्षित नहीं?
तरैया की यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है— क्या हमारे बच्चे स्कूल के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं? एक ऑर्केस्ट्रा संचालिका का स्कूल परिसर तक पहुंचना और दो बच्चियों को ले जाना, स्कूल प्रशासन की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। नेपाल सीमा पर मानव तस्करी का नेटवर्क कितना गहरा है, यह इस गिरफ्तारी से साफ हो गया है। पुलिस को अब इस महिला के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा ताकि कोई और ‘ऑर्केस्ट्रा संचालिका’ हमारी बेटियों का सौदा न कर सके।


