भागलपुर को ‘जाम’ से मिलेगी मुक्ति! उल्टा पुल-अलीगंज बायपास फोरलेन का टेंडर फाइनल; मुंगेर की कंपनी संवारेगी 3.70 KM का सफर

HIGHLIGHTS:

  • बड़ी कामयाबी: उल्टा पुल-अलीगंज बायपास से भागलपुर-हंसडीहा रोड तक सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ।
  • ठेका फाइनल: मुंगेर की मेसर्स निरंजन शर्मा कंपनी को मिला काम; वित्तीय निविदा (Financial Bid) में मारी बाजी।
  • कनेक्टिविटी: NH-80 और SH-19 के बीच सफर होगा आसान; 3.70 किमी की सड़क बनेगी ‘फोरलेन’।
  • बजट: सेंट्रल रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मिली है राशि।

भागलपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर में ‘बूस्टर डोज’: अब नहीं फंसेंगे चक्के!

भागलपुर: स्मार्ट सिटी भागलपुर के लिए आज एक राहत भरी खबर आई है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक ‘उल्टा पुल-अलीगंज बायपास’ की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। पथ निर्माण विभाग (RCD) ने बहुप्रतीक्षित फोरलेन सड़क निर्माण का टेंडर फाइनल कर दिया है। 3.70 किलोमीटर लंबी यह सड़क न केवल सफर को छोटा करेगी, बल्कि अलीगंज और बायपास इलाके में लगने वाले भीषण जाम से भी जनता को निजात दिलाएगी।

[टेंडर की ‘इनसाइड’ रिपोर्ट: कैसे हुआ चयन?]

​विभाग की निविदा समिति ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए बेहद सख्त चयन प्रक्रिया अपनाई।

  • मुकाबला: वित्तीय निविदा के अंतिम दौर में केवल दो दावेदार पहुंचे— मेसर्स निरंजन शर्मा और सृष्टि डेवलपर्स प्रा. लि.
  • कम बोली (L1): मुंगेर की कंपनी निरंजन शर्मा ने सबसे न्यूनतम बोली लगाकर यह ठेका अपने नाम कर लिया।
  • वर्तमान स्थिति: कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता के अनुसार, अब मुख्यालय स्तर पर कागजों की अंतिम जांच हो रही है, जिसके बाद वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।

NH-80 और SH-19 का ‘महामिलन’

​यह सड़क भागलपुर के लिए लाइफलाइन साबित होगी।

    1. हंसडीहा-दुमका रूट: भागलपुर से झारखंड की ओर जाने वाले वाहनों को अब शहर की तंग गलियों में नहीं उलझना होगा।
    2. स्मार्ट कनेक्टिविटी: सेंट्रल फंड (CRIF) के इस्तेमाल से सड़क की गुणवत्ता और फिनिशिंग अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने की उम्मीद है।
    3. रोजगार और विकास: फोरलेन बनने से सड़क के दोनों ओर व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

VOB का नजरिया: टेंडर तो हो गया, क्या समय पर बनेगा पुल?

भागलपुर में टेंडर होना आधी जीत है, लेकिन असली चुनौती ‘डेडलाइन’ के भीतर काम पूरा करना है। NH-80 की बदहाली से भागलपुर की जनता पहले ही त्रस्त रही है। ऐसे में मुंगेर की कंपनी पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वह गुणवत्ता से समझौता किए बिना जल्द से जल्द वर्क ऑर्डर लेकर काम शुरू करे। विभाग को भी चाहिए कि कागजी जांच में ज्यादा वक्त न गंवाए, क्योंकि जनता अब ‘धूल और जाम’ से जल्द छुटकारा चाहती है।

  • Related Posts

    CBSE के नाम पर बिहार में बड़ा फर्जीवाड़ा! पटना के दो निजी स्कूलों पर FIR की सिफारिश, अभिभावकों को किया जा रहा था गुमराह

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    बिहार में ‘फर्जी अधिकारी’ का पर्दाफाश: गाड़ी पर बिहार सरकार का बोर्ड लगाकर शराब माफियाओं से करता था वसूली, पुलिस ने दबोचा

    Share Add as a preferred…

    Continue reading