HIGHLIGHTS:
- निशाने पर सरकार: तेजस्वी यादव ने विकास के आंकड़ों को लेकर एनडीए (NDA) सरकार को घेरा।
- बड़ा आरोप: “दो दशक की सत्ता के बाद भी बिहार में देश की सबसे ज्यादा गरीबी और बेरोजगारी।”
- शिक्षा पर सवाल: स्कूलों में कंप्यूटर और ICT लैब का अभाव; सबसे अधिक ड्रॉपआउट रेट।
- इकोनॉमी: देश में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय और निवेश; बिजली खपत में भी पिछड़ा प्रदेश।
“अनोखा प्रदेश, अनोखा पिछड़ापन”: तेजस्वी ने गिनाईं सरकार की ‘नाकामियां’
पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को नीतीश सरकार के ‘समृद्धि’ के दावों की हवा निकालते हुए आंकड़ों के साथ जोरदार हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि बिहार एक ऐसा “अनोखा प्रदेश” बन गया है जहाँ 21 सालों से एनडीए की ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद राज्य विकास के हर पायदान पर सबसे नीचे खड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी लंबी सत्ता के बाद भी बिहार की रैंकिंग सुधरने के बजाय गिरती क्यों जा रही है?
“कंप्यूटर तो दूर, लैब तक नहीं”: डिजिटल बिहार पर तंज
तेजस्वी ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा कि सरकार ‘डिजिटल बिहार’ की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों में आज भी कंप्यूटर और ICT लैब का घोर अभाव है।
- जवाबदेही पर सवाल: तेजस्वी ने कहा— “नीति आयोग से लेकर हर सूचकांक में बिहार अंतिम पायदान पर है, लेकिन इन तथ्यों पर सरकार में किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं होती।”
- बुनियादी सुविधाएं: उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता आज भी बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार सिर्फ कागजी विकास में मशगूल है।
अपराध और भ्रष्टाचार का ‘हब’ बना बिहार!
तेजस्वी ने सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि विकास तो नहीं हुआ, लेकिन अपराध और भ्रष्टाचार में बिहार जरूर ‘समृद्ध’ हो गया है।
”बिहार में आज न तो निवेश सुरक्षित है और न ही आम आदमी की जान। भ्रष्टाचार तंत्र की नसों में समा चुका है और डबल इंजन की सरकार सिर्फ चुनाव जीतने की मशीन बनकर रह गई है।” — तेजस्वी यादव


