पटना, 12 मार्च। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण और पंचायत स्तर पर नवाचार के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर एक और पहचान मिली है। सारण जिले के तरैया प्रखंड स्थित डेवढ़ी ग्राम पंचायत की मुखिया प्रियंका सिंह को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्कृष्ट महिला पंचायत नेता के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पंचायत स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 11 मार्च को ‘सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान’ के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर चुनी हुई महिला प्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित एक-एक महिला पंचायत नेता को ग्रामीण शासन और सामाजिक बदलाव में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सभी चयनित प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
महिलाओं के लिए बनाई गई विशेष सुविधाएं
डेवढ़ी ग्राम पंचायत में महिलाओं और किशोरियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नवाचार किए गए हैं। पंचायत में महिलाओं के लिए सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही ‘पिंक टॉयलेट’ की व्यवस्था की गई है, जिसमें सैनिटरी वेंडिंग मशीन और इंसिनरेटर लगाए गए हैं। इस पहल से मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है।
पंचायत में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत क्षेत्र में दुकानों की व्यवस्था की गई है, जहां महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। इसके अलावा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिलाने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया जा रहा है।
जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा संबल
डेवढ़ी ग्राम पंचायत में स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क ‘जीविका’ के साथ मजबूत समन्वय स्थापित किया गया है। नियमित मॉनिटरिंग और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। पंचायत में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियान भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
बच्चों और युवाओं के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए पंचायत में एक योगा पार्क भी बनाया गया है। यहां योग, व्यायाम और अन्य मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम
इस उपलब्धि पर बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि डेवढ़ी ग्राम पंचायत की मुखिया द्वारा किए गए महिला-केंद्रित कार्य राज्य की अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को मजबूत बनाने और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। पंचायत स्तर पर किए जा रहे ऐसे प्रयास ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हर पंचायत विकास और सामाजिक परिवर्तन का मजबूत केंद्र बने, ताकि ग्रामीण बिहार की महिलाएं सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
सम्मेलन में जारी हुई प्रेरक कहानियों की पुस्तक
राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पंचायत स्तर पर महिलाओं द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को सामने लाने के लिए ‘भारत में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र का नेतृत्व करने वाली महिलाओं की कहानियां’ नामक पुस्तक भी जारी की गई। इसमें देशभर की महिला पंचायत प्रतिनिधियों की प्रेरक कहानियां और उनके द्वारा किए गए बदलावों का उल्लेख किया गया है।
इसके साथ ही पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्भया फंड के तहत ‘निर्भय रहो’ नामक नई पहल की भी शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


