HIGHLIGHTS:
- भीड़तंत्र का तांडव: सुपौल के रजेश्वरी में नाबालिग लड़के को बंधक बनाकर ग्रामीणों ने पीटा, फिर जबरन कराई शादी।
- मार्मिक अपील: “मेरा करियर चौपट हो जाएगा, अभी पढ़ाई कर रहा हूँ…” रो-रोकर गिड़गिड़ाता रहा नाबालिग प्रिंस।
- खौफनाक मंजर: मारपीट से तंग आकर युवक ने खुद का गला दबाकर की आत्महत्या की कोशिश।
- पुलिस की सुस्ती: घटना के 18 घंटे बाद भी लड़का बरामद नहीं; पिता ने लगाया अपहरण का आरोप।
इंस्टाग्राम वाली ‘दोस्ती’ और सरेआम ‘इंसाफ’: सुपौल में कानून की धज्जियां
सुपौल: बिहार के सुपौल जिले से ‘भीड़तंत्र’ की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सभ्य समाज को शर्मसार करने के लिए काफी है। रजेश्वरी थाना क्षेत्र के तमुआ पंचायत में एक नाबालिग लड़के को उसकी गर्लफ्रेंड से मिलना इतना महंगा पड़ा कि ग्रामीणों ने कानून को ताक पर रखकर खुद ही ‘काजी’ और ‘जज’ की भूमिका निभा ली। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई 8 महीने की इस प्रेम कहानी का अंत मंदिर में मारपीट और जबरन सिंदूरदान के साथ हुआ।
“पढ़ाई कर रहा हूँ, करियर बचाइए…”: बेअसर रही प्रिंस की पुकार
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो रूह कंपा देने वाला है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे सैकड़ों की भीड़ एक अकेले नाबालिग को घेरकर उसे पीट रही है। प्रिंस बार-बार हाथ जोड़कर कह रहा है कि वह अभी पढ़ना चाहता है, उसकी शादी न कराई जाए, लेकिन उन्मादी भीड़ पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
- आत्मघाती कदम: लोगों के दबाव और अपमान से टूटकर प्रिंस ने वीडियो के बीच में ही अपना गला दबाकर जान देने की कोशिश की, जिसे देख वहां मौजूद लोग और उग्र हो गए।
- जबरन शादी: अंततः जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग प्रिंस से जबरन नाबालिग लड़की की मांग भरवा दी गई।
परिजनों का आरोप: “मेरा बेटा सामान खरीदने गया था, उसे अगवा कर लिया गया”
प्रिंस के पिता सुधीर यादव और माता किरण देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि प्रिंस बुधवार शाम गोचर हटिया से सामान लाने गया था, लेकिन उसे रास्ते से उठा लिया गया।
”हमने रात 12 बजे ही थाने में आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस सोती रही। सुबह जब वीडियो वायरल हुआ तब हमें पता चला कि हमारे बेटे के साथ क्या हुआ है। हमें डर है कि वे लोग मेरे बेटे की हत्या न कर दें।” — सुधीर यादव (पिता)
प्रशासनिक रुख: “टीम निकली है…”
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ विभाष कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम लड़के की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। वहीं एसपी शरथ आरएस ने पुष्टि की है कि कांड दर्ज कर लिया गया है और दोषियों की पहचान की जा रही है। सवाल यह है कि जब रात को ही सूचना दी गई थी, तो पुलिस ने सुबह तक का इंतजार क्यों किया?
VOB का नजरिया: तालिबानी मानसिकता और फेल होता सिस्टम!
सुपौल की यह घटना बताती है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में आज भी ‘भीड़तंत्र’ पुलिस से ज्यादा ताकतवर है। दो नाबालिगों के बीच बातचीत या दोस्ती का फैसला उनके भविष्य को बर्बाद करके करना कहाँ का न्याय है? एक नाबालिग लड़का रोते हुए अपने करियर की भीख मांगता रहा और लोग वीडियो बनाते रहे। यह ‘जबरन विवाह’ न केवल कानूनी रूप से अवैध है, बल्कि एक किशोर के मानवाधिकारों का क्रूर हनन भी है। अगर प्रिंस को कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी जितनी उस भीड़ की होगी, उतनी ही उस सुस्त पुलिस तंत्र की भी।


