HIGHLIGHTS:
- शर्मसार रिश्ते: सगे गोतिया चाचा ने 2 साल तक किया भतीजी का यौन शोषण।
- बदले की आग: शादी के बाद संबंध तोड़ने पर पति को भेजा अश्लील वीडियो।
- शादी तबाह: फरवरी में हुई थी शादी, वीडियो देख पति ने पीटकर मायके भेजा।
- पुलिस एक्शन: आरोपी प्रेम कुमार उर्फ पुरुषोत्तम फरार, घर के सभी पुरुष सदस्य भी भागे।
रिश्तों का कत्ल: रक्षक ही बना ‘भक्षक’
शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता और पवित्र रिश्तों को तार-तार कर दिया है। चेवाड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक ‘कलियुगी चाचा’ की घिनौनी करतूत ने न केवल एक युवती की अस्मत लूटी, बल्कि उसका हंसता-खेलता संसार भी उजाड़ दिया। जिस चाचा को पिता समान होना चाहिए था, उसने ब्लैकमेलिंग की ऐसी बिसात बिछाई कि भतीजी की शादीशुदा जिंदगी महज एक महीने में खत्म हो गई।
[2 साल का नर्क: ब्लैकमेलिंग और खौफ की कहानी]
पीड़िता ने महिला थाने में जो बयान दर्ज कराया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है:
- वारदात की शुरुआत: करीब 2 साल पहले जब घर के सदस्य बाहर थे, आरोपी प्रेम कुमार उर्फ पुरुषोत्तम पासवान ने घर में घुसकर युवती के साथ दुष्कर्म किया।
- घिनौनी साजिश: दुष्कर्म के दौरान आरोपी ने वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर 2 साल तक लगातार यौन शोषण करता रहा।
- शादी और जिद: इसी साल फरवरी में युवती की शादी बाढ़ (पटना) में हुई। शादी के बाद भी आरोपी संबंध बनाए रखने का दबाव डाल रहा था।
जब ‘इन्कार’ बना तबाही की वजह: पति को भेजा वीडियो
युवती ने अपनी नई जिंदगी शुरू करने की खातिर जब चाचा से दूरी बनानी चाही और शारीरिक संबंध बनाने से मना कर दिया, तो आरोपी ने ‘सनक’ में आकर खौफनाक कदम उठाया। उसने वह अश्लील वीडियो सीधे पीड़िता के पति को भेज दिया। वीडियो देखते ही ससुराल में कोहराम मच गया। पीड़िता के पति ने न केवल उसे बेरहमी से पीटा, बल्कि शादी का रिश्ता तोड़कर उसे मायके पहुंचा दिया।
पुलिस की कार्रवाई: “दोषी बख्शा नहीं जाएगा”
महिला थानाध्यक्ष अनामिका कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और न्यायालय में 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। गांव में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। जैसे ही पुलिस की दबिश बढ़ी, आरोपी और उसके परिवार के सभी पुरुष सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए हैं।
VOB का नजरिया: ससुराल का रवैया भी सवालों के घेरे में!
इस दुखद मामले में जितना दोषी वह ‘कलियुगी चाचा’ है, उतना ही सवाल पीड़िता के पति और ससुराल वालों पर भी उठता है। अपनी पत्नी का साथ देने और अपराधी को सजा दिलवाने के बजाय, उसे पीटकर घर से निकाल देना यह बताता है कि आज भी समाज में ‘विक्टिम ब्लेमिंग’ (पीड़िता को ही दोषी मानना) हावी है। एक बेटी का घर उजड़ गया, लेकिन उम्मीद है कि शेखपुरा पुलिस इस अपराधी को पाताल से भी ढूंढ निकालेगी।


