हड़ताली CO और राजस्व अधिकारियों पर सख्ती की तैयारी, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मांगी जिलों से रिपोर्ट

 

राजस्व अधिकारियों की हड़ताल से अंचल कार्यालयों का कामकाज प्रभावित, सरकार ने विभागीय कार्रवाई के संकेत दिए

पटना: बिहार में अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व सेवा के अधिकारियों की हड़ताल को लेकर अब सरकार का रुख सख्त होता दिख रहा है। कई दिनों से चल रही इस हड़ताल के कारण राज्य के कई अंचल कार्यालयों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ऐसे में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, हड़ताल के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर नहीं लौटे। इसके चलते जमीन से जुड़े मामलों से लेकर विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों के निर्गमन तक कई जरूरी सरकारी सेवाएं बाधित हो गई हैं। आम लोगों को अपने काम के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सरकार ने अपनाया सख्त रुख

राजस्व अधिकारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने अब सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के निर्देश के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलों से हड़ताली अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

विभाग ने साफ कहा है कि अंचल कार्यालयों में कामकाज बाधित होना गंभीर विषय है और इसे जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जिलों से मांगी गई उपस्थिति की जानकारी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा संवर्ग के अधिकारियों की उपस्थिति का पूरा ब्यौरा जिलों से तलब किया है। इसके लिए भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, भू-अर्जन निदेशालय और चकबंदी निदेशालय के निदेशकों के साथ-साथ सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिला समाहर्ताओं को पत्र भेजा गया है।

पत्र में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि कितने अधिकारी हड़ताल में शामिल हैं और कितने अधिकारी अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहकर काम कर रहे हैं। सभी जिलों को निर्धारित प्रारूप में यह जानकारी विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है।

पहले भी हो चुकी है हड़ताल

बताया जा रहा है कि राजस्व अधिकारियों का यह आंदोलन नया नहीं है। इससे पहले भी दो फरवरी को अधिकारियों ने हड़ताल का आह्वान किया था। उस समय डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के साथ बातचीत के बाद अधिकारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।

हालांकि बाद में एक बार फिर 9 मार्च से अधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी, जिससे अंचल कार्यालयों का कामकाज प्रभावित होने लगा। विभाग ने दोनों चरणों की हड़ताल के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा है।

जमीन और प्रमाणपत्र से जुड़े काम प्रभावित

राजस्व अधिकारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं। दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, जमीन विवाद से संबंधित प्रक्रिया और भू-अभिलेख सुधार जैसे कई जरूरी काम फिलहाल ठप पड़े हैं।

इसके अलावा जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के निर्गमन का काम भी कई जिलों में प्रभावित हो रहा है, जिससे छात्रों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हड़तालियों पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संकेत दिया है कि जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर हड़ताल में शामिल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का कहना है कि अंचल कार्यालयों का कामकाज बाधित होने से आम जनता को परेशानी हो रही है, इसलिए स्थिति को जल्द सामान्य करना जरूरी है।

सरकार के इस सख्त रुख के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन और हड़ताली अधिकारियों के बीच बातचीत या कार्रवाई दोनों में से कोई भी रास्ता अपनाया जा सकता है, ताकि अंचल कार्यालयों में कामकाज फिर से सामान्य हो सके।

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