HIGHLIGHTS:
- बड़ी त्रासदी: 25 वर्षीय महिला CISF जवान खुशबू कुमारी का शव शाहकुंड के सादपुर में बरामद।
- मिस्ट्री: रात में भाभी के साथ बैठकर पढ़ रही थी, सुबह दूसरे कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश।
- जांच: शाहकुंड पुलिस ने FSL टीम को बुलाया; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज।
वर्दी का जुनून और खामोश अंत: भागलपुर में पसरा सन्नाटा
भागलपुर: जो बेटियां सरहद और शहरों की सुरक्षा का जिम्मा उठाती हैं, जब उनकी संदिग्ध मौत की खबर आती है, तो कलेजा कांप उठता है। शाहकुंड थाना क्षेत्र के सादपुर गांव में मंगलवार की देर रात एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना घटी। दिल्ली मेट्रो में तैनात सीआईएसएफ (CISF) की महिला जवान खुशबू कुमारी (25) का शव उनके पैतृक घर में फंदे से लटका मिला। 1 फरवरी को वह छुट्टी लेकर अपने परिवार के बीच आई थी, लेकिन किसे पता था कि यह उसकी आखिरी छुट्टी साबित होगी।
[घटनाक्रम: मौत से पहले के वो चंद घंटे]
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात सब कुछ सामान्य था:
- रात का खाना: खुशबू ने परिवार के साथ खाना खाया।
- पढ़ाई का वक्त: खाना खाने के बाद वह अपनी भाभी के साथ कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रही थी।
- सुबह का मंजर: बुधवार सुबह जब भाभी की नींद खुली, तो खुशबू कमरे में नहीं थी। पास के दूसरे कमरे में देखा तो बांस के सहारे दुपट्टे के फंदे से खुशबू का शव लटक रहा था।
[प्रोफाइल: एक होनहार बेटी का सफर]
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विवरण |
जानकारी |
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नाम |
खुशबू कुमारी (25 वर्ष) |
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पिता का नाम |
अधिकलाल साह |
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नौकरी |
CISF (वर्ष 2022 में हुई थी बहाली) |
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वर्तमान पोस्टिंग |
दिल्ली मेट्रो |
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पारिवारिक स्थिति |
3 भाई और 1 बहन में सबसे छोटी (अविवाहित) |
पुलिस की कार्रवाई: हर एंगल पर ‘पैनी’ नजर
सूचना मिलते ही शाहकुंड थाना प्रभारी अनिल साह दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) टीम को भी बुलाया गया ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
- यूडी केस: मृतका के पिता के बयान पर पुलिस ने अस्वाभाविक मौत (UD Case) दर्ज की है।
- जांच के बिंदु: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई मानसिक तनाव या पारिवारिक कारण? खुशबू की कॉल डिटेल्स और हालिया गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।
परिवार में मातम: दो भाई भी करते हैं सरकारी नौकरी
खुशबू एक कामयाब परिवार से आती थी। उसके दो भाई भी सरकारी नौकरी में हैं। 2022 में जब उसकी नौकरी लगी थी, तो पूरे सादपुर गांव में मिठाई बंटी थी। आज उसी घर से रोने की आवाजें आ रही हैं। शादी की चर्चाओं के बीच बेटी की अर्थी उठने की खबर ने सबको झकझोर दिया है।
VOB का नजरिया: क्या ‘वर्दी’ के पीछे कोई अनकहा दर्द था?
खुशबू कुमारी की मौत कई सवाल छोड़ गई है। एक अनुशासित फोर्स का हिस्सा होने के नाते वह मानसिक रूप से मजबूत रही होगी, फिर ऐसा क्या हुआ कि उसने पढ़ाई करते-करते मौत का रास्ता चुन लिया? क्या यह काम का दबाव था, कोई निजी परेशानी या कुछ और? शाहकुंड पुलिस को इस मामले की तह तक जाना होगा ताकि एक जांबाज बेटी को इंसाफ मिल सके।


