पश्चिम एशिया में तनाव के बीच राहत भरी खबर! रिफाइनरियों ने 25% बढ़ाया गैस उत्पादन; सरकार बोली- “स्टॉक फुल है, पैनिक बुकिंग से बचें”

HIGHLIGHTS:

  • उत्पादन में उछाल: घरेलू रिफाइनरियों ने LPG प्रोडक्शन में 25% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की।
  • सप्लाई चेन: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता घटाई; 75% कच्चा तेल अब सुरक्षित समुद्री रास्तों से आ रहा।
  • नया नियम: सिलेंडर की बुकिंग अब 25 दिन के अंतराल पर; 2-3 दिनों में होम डिलीवरी का वादा।
  • सुरक्षा: होर्मुज क्षेत्र में मौजूद 28 भारतीय पोतों और 788 नाविकों पर सरकार की पैनी नजर।

युद्ध के बादलों के बीच ‘रसोई’ की चिंता खत्म: सरकार ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद देश में कच्चे तेल और रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने घोषणा की है कि घरेलू रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद एलपीजी उत्पादन में 25% की वृद्धि दर्ज की गई है।

[आंकड़ों की जुबानी: भारत का गैस बजट]

​सरकार ने देश की कुल खपत और उत्पादन का ब्यौरा साझा किया है ताकि अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके:

विवरण

आंकड़ा (MMSCMD)

कुल दैनिक खपत

189 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर

घरेलू उत्पादन

97.5 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर

आयात (Import)

शेष हिस्सा (विभिन्न देशों से सुनिश्चित)

होर्मुज का ‘बायपास’: तेल आपूर्ति के लिए नया रूट तैयार

​आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए भारत ने अपनी रणनीतिक स्थिति बदल दी है।

  • सुरक्षित रास्ता: पहले भारत का 45% कच्चा तेल ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (विवादित क्षेत्र) से आता था, जिसे घटाकर अब केवल 25% कर दिया गया है।
  • वैकल्पिक मार्ग: अब भारत अपना 75% कच्चा तेल अन्य सुरक्षित समुद्री रास्तों से आयात कर रहा है।
  • शिपिंग सुरक्षा: इस क्षेत्र में भारत के 28 पोत मौजूद हैं। 24 पोत पश्चिमी हिस्से में और 4 पूर्वी हिस्से में हैं। इन पर मौजूद कुल 788 भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार संपर्क में है।

CNG और PNG पर ‘सौ फीसदी’ गारंटी

​मंत्रालय ने केवल एलपीजी ही नहीं, बल्कि सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की भी 100% उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा किया है। इसके लिए ‘नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर’ जारी किया गया है, ताकि औद्योगिक उपयोग के बजाय घरेलू और परिवहन ईंधन को प्राथमिकता दी जा सके।

उपभोक्ताओं के लिए ‘गोल्डन रूल्स’

    1. घबराएं नहीं: गैस का स्टॉक जमा करने की जरूरत नहीं है।
    2. बुकिंग गैप: एक सिलेंडर लेने के 25 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग होगी।
    3. डिलीवरी: बुकिंग के 48 से 72 घंटों के भीतर सिलेंडर आपके घर पहुँचेगा।

VOB का नजरिया: कूटनीति और तैयारी का ‘परफेक्ट कॉकटेल’!

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार का यह कदम ‘प्रो-एक्टिव’ गवर्नेंस की मिसाल है। रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाना और होर्मुज जैसे ‘चोक पॉइंट’ से निर्भरता कम करना एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। हालांकि, 25 दिन का गैप कुछ बड़े परिवारों के लिए चुनौती हो सकता है, लेकिन यह कालाबाजारी और पैनिक स्टोरिंग को रोकने का सबसे कारगर हथियार है। बिहार के उपभोक्ताओं को बस अफवाहों से बचकर डिजिटल बुकिंग पर भरोसा रखना चाहिए।

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