
HIGHLIGHTS:
- मुठभेड़: फतुहा में पुलिस की नाकेबंदी तोड़ भाग रहे अपराधियों पर चली गोली।
- बरामदगी: मौके से 1200 से अधिक जिंदा कारतूस और देसी कट्टा बरामद।
- गिरफ्तारी: छपरा का इनामी बदमाश सुंदरम उर्फ भोला घायल, 3 शातिर अपराधी गिरफ्तार।
फतुहा की सड़कों पर ‘खूनी’ लुका-छिपी: आत्मरक्षा में SHO ने दागी गोली
पटना: बिहार की राजधानी में एक बार फिर अपराधियों और पुलिस के बीच आमना-सामना हुआ है। फतुहा इलाके में पुलिस ने एक अंतरजिला हथियार तस्कर गिरोह को दबोचने के लिए जाल बिछाया था। पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि एक बड़ा गिरोह भारी मात्रा में गोलियों की सप्लाई करने वाला है। जब पुलिस ने नाकेबंदी कर अपराधियों को रोकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर बंदूक तान दी। जवाब में SHO ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिससे एक अपराधी के पैर में गोली लग गई।
1200 गोलियां: क्या किसी बड़ी साजिश की थी तैयारी?
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि यह गिरोह केवल लूटपाट नहीं करता था, बल्कि यह हथियारों और गोलियों का बड़ा सप्लायर है। मौके से 1200 से अधिक गोलियों का मिलना यह साबित करता है कि यह गैंग अलग-अलग जिलों में छोटे और बड़े अपराधियों को ‘साजो-सामान’ मुहैया करा रहा था। घायल सुंदरम उर्फ भोला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
SSP का बयान: “अवैध सप्लाई चेन पर बड़ा प्रहार”
एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम जांच और सत्यापन के लिए पहुँची थी। अपराधियों ने जब फायरिंग करने का प्रयास किया, तब पुलिस ने मजबूरी में गोली चलाई। गिरफ्तार किए गए अन्य दो बदमाशों से गुप्त ठिकाने पर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस कहाँ से लाए गए थे और इनका अगला ‘टारगेट’ कौन था।


