
HIGHLIGHTS:
- सियासी एंट्री: सदस्यता लेने के चौथे दिन जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार।
- गर्मजोशी: विधायक चेतन आनंद और शुभानंद मुकेश समेत युवा तुर्कों की फौज के साथ करीब 2 घंटे बिताए।
- मिशन 2026: पिता नीतीश कुमार के कार्यों की प्रशंसा की, युवाओं से संगठन मजबूत करने की अपील।
नीतीश के ‘निशांत’ का शक्ति प्रदर्शन: दफ्तर में 1 घंटा 45 मिनट का ‘मंथन’
पटना: बिहार की राजनीति में आज एक नई और बड़ी इबारत लिखी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम रखने के महज चार दिनों के भीतर ही अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया है। बुधवार सुबह करीब 11.45 बजे जब निशांत कुमार जदयू प्रदेश कार्यालय पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच कार्यकर्ताओं ने उनका ऐसा स्वागत किया मानो भविष्य की कमान अब उन्हीं के हाथों में हो। निशांत करीब पौने दो घंटे तक कार्यालय में रुके और संगठन की बारीकियों को समझा।
युवा विधायकों की ‘फौज’ के साथ दिखे निशांत
निशांत कुमार अकेले नहीं थे, उनके साथ जदयू के युवा और कद्दावर विधायकों की पूरी टीम मौजूद थी।
- साथी नेता: विधायक वशिष्ठ सिंह, चेतन आनंद, ऋतुराज कुमार, विशाल साह, शुभानंद मुकेश, अरुण मांझी और राहुल सिंह कदम से कदम मिलाकर उनके साथ चल रहे थे।
- गाइड की भूमिका: विधान परिषद सदस्य (MLC) संजय गांधी पहले से कार्यालय में मौजूद थे, जिन्होंने निशांत को पार्टी की गतिविधियों और दफ्तर के विभिन्न विभागों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
“पिता ने जो किया, उसे जन-जन तक ले जाएं”
निशांत ने कार्यालय के कर्मचारियों से भी हालचाल पूछा और फिर पार्टी प्रवक्ताओं व कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने अपने संबोधन में दो मुख्य बातों पर जोर दिया:
- पिता की विरासत: उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों की जमकर सराहना की और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाएं।
- युवा शक्ति: उन्होंने अपील की कि बड़ी संख्या में युवाओं को संगठन से जोड़ा जाए ताकि पार्टी की जड़ें और मजबूत हों।
निशांत ने यह भी कहा कि राज्य में शांति और भाईचारे का माहौल बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।


