भागलपुर के पीरपैंती में ‘लूडो’ के बहाने बुलाकर दोस्त का कत्ल! 24 घंटे में 5 कातिल गिरफ्तार; प्लॉटिंग के पैसों के चक्कर में ‘खूनी खेल’

HIGHLIGHTS:

  • बड़ा खुलासा: लूडो खेलने के बहाने बुलाकर ऋषभ झा की गोली मारकर हत्या।
  • 24 घंटे में एक्शन: पुलिस ने मास्टरमाइंड सौरभ साह समेत 5 शूटरों को दबोचा।
  • बरामदगी: हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस और खोखा बरामद।
  • वजह: जमीन की प्लॉटिंग के पैसों का विवाद बना जान का दुश्मन।

दोस्ती में दगा: लूडो की बिसात पर बिछी ‘मौत’

भागलपुर: रिश्तों और भरोसे को तार-तार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र से सामने आई है। जिस दोस्त के साथ ऋषभ झा मिलकर जमीन का धंधा कर रहा था, उसी दोस्त ने साजिश रचकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए 5 मुख्य आरोपियों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

साजिश ऐसी कि फिल्म भी फेल हो जाए!

​पुलिस की पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। मुख्य आरोपी सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता और मृतक ऋषभ झा साथ में प्लॉटिंग का कारोबार करते थे। सौरभ के पास ऋषभ के काफी पैसे बकाया थे। जब ऋषभ ने पैसे मांगे, तो सौरभ ने चुकाने के बजाय उसे ‘रास्ते से हटाने’ का प्लान बना लिया।

  • बुलावा: 09 मार्च की रात सौरभ ने ऋषभ को ‘लूडो’ खेलने के बहाने बुलाया।
  • वारदात: सुन्दरपुर स्थित भानु कुमार के टेंट गोदाम में खेल के दौरान ही मौका पाकर आरोपियों ने ऋषभ को गोली मार दी।
  • चालाकी: पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने खुद ही घायल ऋषभ को अस्पताल में भर्ती कराया ताकि वे बेकसूर लग सकें, लेकिन कानून के हाथ उनके गिरेबान तक पहुँच ही गए।

[गिरफ्तारी का ‘पंच’ – ये हैं सलाखों के पीछे]

​भागलपुर एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने पीरपैंती रेलवे स्टेशन के पास से इन 5 आरोपियों को दबोचा:

क्र.सं.

नाम

पिता का नाम

निवासी

1.

सौरभ साह (मास्टरमाइंड)

अरुण प्रसाद गुप्ता

सुन्दरपुर, पीरपैंती

2.

भानु कुमार उर्फ संजीव

स्व० किशोरी साह

सुन्दरपुर, पीरपैंती

3.

प्रीतम कुमार

सुनील कुमार गुप्ता

सुन्दरपुर, पीरपैंती

4.

राहुल रंजन उर्फ मोनू

राजन कुमार साह

सुन्दरपुर, पीरपैंती

5.

दीपक कुमार

वासुदेव यादव

सुन्दरपुर, पीरपैंती

हथियार और सुराग: पुलिस के हाथ लगे पुख्ता सबूत

​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल और उनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • पिस्टल: 01 (जिससे गोली चलाई गई)
  • जिंदा कारतूस: 03
  • खोखा: 01
  • मोबाइल: 01

छापामारी दल के जांबाज: जिन्होंने सुलझाया केस

​इस सफल उद्भेदन में पीरपैंती थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत, DIU प्रभारी परमेश्वर साहनी, और उनकी टीम (विकास कुमार, अविनाश कुमार, शशि कुमार, संगम कुमारी व अन्य) ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर अपराधियों को घेरकर पकड़ा।

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पीरपैंती की यह घटना सबक है कि व्यापार में ‘भरोसा’ कितना खतरनाक हो सकता है। महज कुछ रुपयों के लिए एक उभरते हुए युवक की जान ले ली गई। भागलपुर पुलिस की मुस्तैदी काबिले तारीफ है कि उन्होंने आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया। लेकिन समाज के लिए यह गहरी चिंता का विषय है कि ‘दोस्त’ अब ‘जल्लाद’ बनने में देर नहीं लगा रहे।

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