बिहार में यूपीएससी सफलता का फर्जी दावा: सम्मान मिलने के बाद खुला राज, युवक दिल्ली फरार

बिहार के शेखपुरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को यूपीएससी परीक्षा में सफल बताकर पूरे इलाके को गुमराह कर दिया। युवक के इस दावे पर गांव में जश्न का माहौल बन गया और उसे सम्मानित करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों तक की भीड़ लग गई। हालांकि कुछ ही दिनों बाद सच्चाई सामने आई तो मामला फर्जी निकला और युवक गांव छोड़कर दिल्ली भाग गया।

गांव में खुशी का माहौल, लोगों ने दी बधाई

बताया जा रहा है कि शेखपुरा जिले के अरीरी प्रखंड की चौड़ दरगाह पंचायत के फतेहपुर गांव निवासी रंजीत कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास करने का दावा किया था। उसने अपने परिचितों और गांव के लोगों को बताया कि उसने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

यह खबर गांव और आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गई। लोगों ने इसे बड़ी उपलब्धि मानते हुए रंजीत को बधाई देना शुरू कर दिया। परिवार और ग्रामीणों में खुशी का माहौल बन गया और कई जगहों पर मिठाइयां भी बांटी गईं।

पूर्व विधायक और थानेदार ने किया सम्मान

युवक के दावे की चर्चा इतनी तेजी से फैली कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उसे बधाई देने पहुंच गए। शेखपुरा के पूर्व राजद विधायक विजय सम्राट अपने समर्थकों के साथ युवक के घर पहुंचे और उसे माला पहनाकर सम्मानित किया।

इसके अलावा स्थानीय थाना प्रभारी ने भी युवक को थाने में बुलाकर सम्मानित किया। इस दौरान उसे फूलों की माला, बुके और अन्य उपहार देकर सम्मानित किया गया। सोशल मीडिया पर भी उसकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं और लोग उसे बधाई देने लगे।

दो दिन बाद खुली सच्चाई

हालांकि यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। जब यूपीएससी के आधिकारिक परिणाम की जांच की गई तो उसमें रंजीत कुमार नाम के युवक का नाम नहीं मिला। इसके बाद लोगों को शक हुआ और मामले की पड़ताल शुरू हुई।

जांच में पता चला कि जिस उम्मीदवार का रिजल्ट दिखाकर युवक सफलता का दावा कर रहा था, वह कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर का रहने वाला एक अन्य अभ्यर्थी था। उस उम्मीदवार ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 440 हासिल की थी। इसी रिजल्ट को युवक ने अपना बताकर लोगों को गुमराह किया था।

भेद खुलते ही गांव छोड़कर भागा

जैसे ही यह जानकारी गांव में फैली, लोगों को पूरे मामले की सच्चाई पता चल गई। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि पुलिस पूछताछ की तैयारी कर रही थी, लेकिन उससे पहले ही युवक गांव से निकल गया और दिल्ली चला गया।

परिवार के लोगों का कहना है कि रंजीत दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है और फिलहाल वहीं चला गया है।

पुलिस कर रही है जांच

स्थानीय थाना प्रभारी रामप्रवेश भारती ने बताया कि युवक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन वह उससे पहले ही गांव छोड़कर चला गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और युवक से पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सोशल मीडिया से हटाई गई तस्वीरें

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। जब मामला फर्जी निकला तो पूर्व विधायक विजय सम्राट ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से युवक के सम्मान से जुड़ी तस्वीरें हटा दीं।

गांव के लोगों का कहना है कि युवक लंबे समय से दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और होली से पहले गांव आया था। यूपीएससी का परिणाम आने के बाद उसने खुद को सफल बताना शुरू कर दिया था, जिसके कारण पूरा गांव उसकी बातों पर विश्वास कर बैठा।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी उपलब्धि की खबर को सच मान लेना कितना खतरनाक हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक की तलाश की जा रही है।

  • Related Posts

    मार्च में मौसम का दोहरा असर: कहीं तेज गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का अलर्ट, बिहार समेत कई राज्यों में चेतावनी

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    यूपी में दारोगा बनने का सपना: बिहार के 55 हजार से अधिक युवाओं ने भरा फॉर्म, 14–15 मार्च को होगी परीक्षा

    Share Add as a preferred…

    Continue reading