मुंगेर में ‘अपहरण’ की कहानी में फिल्मी मोड़! थाने पहुँचीं लापता बहनें, दिखाया शादी का हलफनामा; बोलीं- “साहब! हम बालिग हैं और हमने लव मैरिज की है”

HIGHLIGHTS:

  • बड़ा ट्विस्ट: 24 फरवरी से लापता दो चचेरी बहनें खुद चलकर पहुँचीं थाने।
  • खुलासा: कॉलेज जाने के बहाने घर से निकली थीं, बांका कोर्ट में रचाई शादी।
  • दस्तावेज: पुलिस के सामने पेश किया बांका न्यायालय का विवाह हलफनामा।

‘अपहरण’ या ‘प्रेम विवाह’? 15 दिनों के सस्पेंस का हुआ अंत

​​मुंगेर | 11 मार्च, 2026: बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों से चल रहा ‘किडनैपिंग ड्रामा’ मंगलवार को एक सुखद लेकिन चौंकाने वाले मोड़ पर खत्म हुआ। जिस मामले को पुलिस और परिजन ‘अपहरण’ समझकर खाक छान रहे थे, वह असल में घर से भागकर की गई शादी निकली। नयाटोला धोबई से लापता हुई दो चचेरी बहनें अचानक थाने पहुँचीं और अपनी ‘नई जिंदगी’ का सबूत पुलिस की मेज पर रख दिया।

कॉलेज जाने के लिए निकली थीं, फिर गायब हो गईं

​पूरी कहानी 24 फरवरी को शुरू हुई थी। श्वेता कुमारी और उसकी चचेरी बहन कोमल कुमारी घर से आर.एस. कॉलेज जाने के लिए निकली थीं। जब देर शाम तक दोनों वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। श्वेता की माँ किरण देवी ने तारापुर थाने में गुहार लगाई और अमरीश कुमारगुलसागर तांती पर अपनी बेटियों को बहला-फुसलाकर अपहरण करने का आरोप लगाया। पुलिस ने संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

थाने में ‘धमाकेदार’ एंट्री: “हमने अपनी मर्जी से घर बसाया है”

​मंगलवार को जब दोनों बहनें खुद तारापुर थाना पहुँचीं, तो पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। युवतियों ने पुलिस के सामने न केवल अपनी बात रखी, बल्कि कानूनी दस्तावेज भी पेश किए।

  • दस्तावेजी सबूत: युवतियों ने बांका न्यायालय के नोटरी द्वारा सत्यापित विवाह हलफनामा (Affidavit) प्रस्तुत किया।
  • बयान: उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे दोनों बालिग (Adult) हैं और उन्होंने बिना किसी दबाव के, अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया है।

परिजन थे परेशान, युवतियां थीं कोर्ट में!

​प्राथमिकी में जिन युवकों पर अपहरण का आरोप लगा था, युवतियों ने उन्हीं के साथ अपना जीवन बिताने का फैसला लिया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब यह मामला अपहरण का न रहकर दो वयस्कों की आपसी रजामंदी का मामला बन गया है। हालांकि, अचानक हुए इस खुलासे से परिजनों को गहरा झटका लगा है।

VOB का नजरिया: कानून बनाम भावनाएं!

मुंगेर की यह घटना बिहार के बदलते सामाजिक परिवेश की एक और बानगी है। अक्सर ‘मिसिंग’ और ‘किडनैपिंग’ के मामलों के पीछे प्रेम संबंधों की कहानी छिपी होती है। कानूनन बालिग होने के नाते इन युवतियों को अपना फैसला लेने का हक है, लेकिन घर से बिना बताए निकलना और परिजनों को अपहरण जैसी गंभीर कानूनी प्रक्रिया में उलझाना कई सवाल भी खड़े करता है। तारापुर पुलिस के लिए अच्छी बात यह है कि कोई अनहोनी नहीं हुई, लेकिन ‘लव मैरिज’ के इस फैसले ने दो परिवारों के बीच एक नई रार जरूर पैदा कर दी है।

  • Related Posts

    पूर्णिया में ‘कलंक’ बना ससुर! गर्भवती बहू के साथ दरिंदगी की कोशिश, फिर मर्डर कर मुर्गी फॉर्म में छिपाई लाश; ‘कातिल’ पिता का मददगार बना पति

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    गैस सप्लाई पर संकट की आशंका: केंद्र ने लागू किया ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट’, बिहार समेत कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट

    Share Add as a preferred…

    Continue reading