- एक्शन: महापौर की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश, चहुंमुखी विकास पर मुहर।
- बड़ा लक्ष्य: ‘स्वच्छता सर्वेक्षण 2026’ की रैंकिंग सुधारने के लिए खरीदी जाएंगी अत्याधुनिक मशीनें।
- डिजिटल प्रहार: भ्रष्टाचार रोकने के लिए होल्डिंग टैक्स और राजस्व वसूली अब पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल।
सिल्क सिटी का नया स्वरूप: ड्रेनेज और स्मार्ट रोड पर सबसे बड़ा दांव
भागलपुर: स्मार्ट सिटी की राह पर अग्रसर भागलपुर के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। नगर निगम के सभागार में महापौर की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया गया। यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि शहर की तस्वीर बदलने वाला ‘विकास का ब्लू प्रिंट’ नजर आ रहा है। बैठक में नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों ने एक सुर में शहर की बुनियादी समस्याओं, खासकर जल निकासी (ड्रेनेज) और टूटी सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष फंड आवंटन पर सहमति जताई।
स्वच्छता में ‘नंबर 1’ बनने की तैयारी: सड़कों पर उतरेंगी अत्याधुनिक मशीनें
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 को लेकर निगम इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। बजट में ‘डोर-टू-डोर’ कचरा उठाव को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नई और अत्याधुनिक मशीनों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया है। महापौर ने साफ़ किया कि शहर की सफाई व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए तकनीक और जन-भागीदारी दोनों का सहारा लिया जाएगा।
बजट की 5 सबसे बड़ी प्राथमिकताएं: क्या बदलेगा आपके लिए?
- पानी की किल्लत का अंत: हर वार्ड में पाइपलाइन विस्तार और नए नलकूपों की स्थापना के लिए भारी निवेश।
- स्ट्रीट लाइट का उजियारा: शहर की हर गली को आधुनिक स्ट्रीट लाइटों से रोशन किया जाएगा।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: स्मार्ट रोड और पार्कों के सौंदर्यीकरण कार्य को अब और रफ़्तार मिलेगी।
- डिजिटल राजस्व: होल्डिंग टैक्स और अन्य शुल्कों की वसूली प्रणाली को डिजिटल बनाया गया है ताकि बिचौलियों का अंत हो सके।
- जन कल्याण: सामुदायिक भवनों का कायाकल्प होगा और सड़कों को जाम मुक्त करने के लिए वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे।
महापौर का संबोधन: “जनता की आकांक्षाओं का बजट”
बैठक को संबोधित करते हुए महापौर महोदया ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा—
”वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट भागलपुर की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। हमारा लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है। हम शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक ‘सस्टेनेबल भागलपुर’ बनाने की ओर कदम बढ़ा चुके हैं।”
VOB का नजरिया: बजट तो आ गया, अब चुनौती है निष्पादन की!
नगर निगम के इस बजट में सपनों की उड़ान तो बड़ी है, लेकिन भागलपुर की सड़कों पर जलजमाव और कचरे की समस्या दशकों पुरानी है। कागजों पर करोड़ों रुपये का आवंटन स्वागत योग्य है, लेकिन जनता को इंतजार है कि कब ये ‘स्मार्ट रोड’ हकीकत में बदलेंगे और कब उन्हें नलों से शुद्ध जल मिलेगा। नगर आयुक्त और महापौर की जोड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती आवंटित राशि का सही इस्तेमाल और भ्रष्टाचार पर लगाम कसना होगा।


