पटना | 10 मार्च, 2026 : मेडिकल की पढ़ाई का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ी राहत दी है। नीट यूजी 2026 (NEET-UG 2026) के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि, जो पहले 8 मार्च थी, उसे अब बढ़ाकर 11 मार्च कर दिया गया है। तकनीकी दिक्कतों और त्योहारों की छुट्टियों के कारण आवेदन से वंचित रह गए छात्रों के लिए यह ‘गोल्डन चांस’ है।
नया शेड्यूल: समय और तारीख का रखें ध्यान
एनटीए द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, छात्र अब निम्नलिखित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं:
|
विवरण |
पुरानी तिथि |
नई अंतिम तिथि |
|---|---|---|
|
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि |
08 मार्च 2026 |
11 मार्च 2026 (रात 09:00 बजे तक) |
|
आवेदन शुल्क भुगतान की तिथि |
08 मार्च 2026 |
11 मार्च 2026 (रात 11:50 बजे तक) |
|
नीट यूजी 2026 परीक्षा की तिथि |
03 मई 2026 |
कोई बदलाव नहीं |
क्यों बढ़ाई गई तारीख? होली और तकनीकी ‘ग्लिच’ बने कारण
एनटीए ने यह फैसला कई छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की मांग के बाद लिया है। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण रहे:
- त्योहारी अवकाश: होली और रविवार की छुट्टी के कारण कई छात्र साइबर कैफे या बैंकिंग सेवाओं का लाभ नहीं उठा सके।
- वेबसाइट पर लोड: अंतिम समय में एक साथ लाखों छात्रों के पोर्टल पर आने से वेबसाइट स्लो हो गई और ‘टेक्निकल एरर’ आने लगे।
- आवेदकों की रिकॉर्ड संख्या: इस बार पिछले वर्षों की तुलना में आवेदकों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में भी समय लगा।
सावधानी: अंतिम समय का इंतजार न करें
एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे 11 मार्च की रात का इंतजार न करें। सर्वर पर दोबारा लोड बढ़ने की संभावना है, इसलिए जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। जिन छात्रों का भुगतान अटक गया था, वे भी इस बढ़ी हुई अवधि में अपना स्टेटस चेक कर दोबारा प्रयास कर सकते हैं।
VOB का नजरिया: अवसर का लाभ उठाएं, तनाव न लें!
नीट की परीक्षा वैसे ही छात्रों के लिए काफी तनावपूर्ण होती है, ऊपर से फॉर्म न भर पाना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। एनटीए का यह कदम सराहनीय है। पटना जैसे शिक्षा केंद्रों में हजारों छात्र ऐसे थे जिनका ट्रांजेक्शन ‘पेंडिंग’ था। अब उनके पास 48 घंटे का अतिरिक्त समय है। हमारी सलाह है कि फॉर्म भरते समय अपने दस्तावेजों और ईमेल आईडी को एक बार फिर से ‘री-चेक’ कर लें ताकि बाद में सुधार की गुंजाइश न रहे।


