बिहार में पिछले कुछ दिनों से ठप पड़ी राजस्व व्यवस्था के बीच सरकार ने अब ‘आर-पार’ की लड़ाई का मन बना लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर विभाग के मंत्री और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दो टूक कहा कि हड़ताल के हर दिन की गिनती हो रही है और सरकार अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है।
“तालाबंदी और भौकाल नहीं चलेगा”: विजय सिन्हा
मंत्री विजय सिन्हा ने हड़ताली अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह समय हड़ताल का नहीं, बल्कि मार्च महीने में विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ाने और जनता की समस्याओं का समाधान करने का था।
- भ्रष्टाचार का आरोप: मंत्री ने कहा कि हड़ताल के जरिए इन अधिकारियों ने ‘भ्रष्टाचारपोषित वातावरण’ को मजबूती दी है।
- सीधे नौकरी से छुट्टी: उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “अगर हड़ताल पर गए कर्मचारी तुरंत काम पर नहीं लौटते हैं, तो हम उनकी नौकरी खत्म कर देंगे। सरकार के पास अस्थाई बहाली (Contractual Hiring) का रास्ता भी खुला है। इंतजार की घड़ी अब समाप्त हो रही है।”
- मांगों पर विचार: उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो सम्मानपूर्वक काम पर लौट आएंगे, उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा, लेकिन दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी।
हड़ताल के पीछे ‘भू-माफिया’ का हाथ?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय सिन्हा ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस हड़ताल के पीछे उन भू-माफियाओं की साजिश हो सकती है, जो विभाग में हो रहे सुधारों से डरे हुए हैं।
- साजिश का पर्दाफाश: उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को मिले जनादेश का अपमान करने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। माफियाओं के इशारे पर सिस्टम को ठप करने की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
100 दिन का हिसाब: “बिहार भूमि पोर्टल” की सफलता
हड़ताल के शोर के बीच मंत्री ने विभाग के 100 दिनों के कामकाज का ब्यौरा भी पेश किया।
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- डिजिटल क्रांति: उन्होंने बताया कि ‘बिहार भूमि पोर्टल’ की शुरुआत के साथ ही जमीन से जुड़े विवादों को कम करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई है।
- सीएम की सराहना: विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विभाग के कामकाज और पारदर्शिता की सराहना की है। उन्होंने दावा किया कि नए साल के जश्न के दिन भी विभाग के कर्मचारी जनता की सेवा में जुटे थे।
VOB का नजरिया: क्या ‘हंटर’ से चलेगी सरकार?
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का यह बयान उनके ‘जीरो टॉलरेंस’ वाले अंदाज की तस्दीक करता है। बिहार में अंचल कार्यालयों (ब्लॉक) को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा माना जाता रहा है, और ऐसे में हड़ताल ने सरकार को अपनी छवि सुधारने का मौका दे दिया है। हालांकि, सीधे ‘नौकरी खत्म’ करने की धमकी हड़ताल को खत्म कराएगी या तनाव और बढ़ाएगी, यह आने वाले 24 घंटों में साफ हो जाएगा। क्या सरकार वाकई अस्थाई बहाली कर पाएगी? यह बड़ा सवाल है, क्योंकि राजस्व जैसे तकनीकी विभाग को बिना अनुभवी अफसरों के चलाना आसान नहीं होगा।


