मधुबनी की बेटी और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर अपने भाइयों के साथ जयपुर के ऐतिहासिक मंदिर पहुंचीं। भक्तिमय माहौल और भजनों की धुन ने उन्हें इतना भावुक कर दिया कि उनकी आंखें नम हो गईं।
बिहार के मधुबनी जिले की रहने वाली और देश-विदेश में अपनी लोक गायिकी के लिए प्रसिद्ध मैथिली ठाकुर जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन के दौरान भावुक हो गईं। मंदिर परिसर में गूंज रहे भजन, घंटियों की आवाज और भक्तिमय वातावरण ने उनके मन को इतना स्पर्श किया कि उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।
बताया जा रहा है कि मैथिली ठाकुर अपने दोनों भाइयों ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर के साथ जयपुर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंची थीं। इसी दौरान मंदिर में भक्ति गीतों की मधुर धुन गूंज रही थी, जिसने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। भक्ति और संगीत से भरे इस वातावरण में मैथिली भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो गईं।
मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस दृश्य को देखा और कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। बताया जाता है कि उस समय मंदिर में “आज तो नवेली राधा गोरल पूजण आई छै” भजन गाया जा रहा था, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
इस भावुक पल को साझा करते हुए मैथिली ठाकुर ने सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि जब वह गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं तो वहां का वातावरण बेहद दिव्य और मन को छू लेने वाला था। भजनों, घंटियों और तालियों की गूंज ने उनके मन को इतना प्रभावित किया कि वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं।
उन्होंने आगे लिखा कि उस पल उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे मन का सारा बोझ हल्का हो गया हो और आत्मा को एक अलग तरह की शांति मिल गई हो। मैथिली ठाकुर के इस अनुभव को जानने के बाद उनके प्रशंसक भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और कई लोग इस भावुक पल को बेहद खास बता रहे हैं।
गौरतलब है कि मैथिली ठाकुर अपनी मधुर आवाज और पारंपरिक लोकगीतों के लिए देशभर में जानी जाती हैं। वह अक्सर अपने परिवार के साथ भक्ति गीत और लोकगीत गाकर श्रोताओं का दिल जीतती रही हैं। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में उनका यह भावुक अनुभव भी अब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बन गया है।


