सुल्तानगंज: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ महज जमीन के एक टुकड़े के लिए न केवल एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया, बल्कि एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के प्रयास का भी गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने इलाके में तनाव और आक्रोश पैदा कर दिया है।
विवाद की जड़: बँटवारे के बाद भी ‘जमीन’ पर नज़र
पीड़िता की माँ द्वारा थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, यह पूरा मामला पुराने भू-विवाद से जुड़ा है।
- पुरानी रंजिश: बताया गया है कि पीड़िता के पिता और उनके भाइयों के बीच जमीन का विधिवत बँटवारा पहले ही हो चुका है।
- अवैध कब्जा: इसके बावजूद, आरोपी पक्ष बार-बार पीड़िता के परिवार की जमीन हड़पने की कोशिश करता रहा है। विरोध करने पर अक्सर गाली-गलौज और धमकियाँ दी जाती थीं।
3 मार्च की वह खौफनाक वारदात
प्राथमिकी में घटना का विस्तार से वर्णन किया गया है:
- हमला: 3 मार्च को नामजद आरोपी अपने साथ तीन अज्ञात व्यक्तियों को लेकर आए। सभी लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस थे।
- नाबालिग से बदसलूकी: आरोपियों ने पीड़िता के घर पर धावा बोल दिया और वहां मौजूद नाबालिग बेटी के साथ मारपीट की। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास भी किया।
- हंगामा और फरार: शोर मचने पर जब आसपास के लोग जुटे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
सुल्तानगंज थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
- जांच जारी: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
- बयान: “आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।” — सुल्तानगंज थाना प्रभारी।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- स्थान: सुल्तानगंज थाना क्षेत्र का एक गांव।
- घटना की तारीख: 03 मार्च, 2026।
- आरोप: मारपीट, दुष्कर्म का प्रयास और भू-विवाद।
- पीड़िता: नाबालिग लड़की।
- आरोपी: नामजद रिश्तेदार और 03 अज्ञात व्यक्ति।
- वर्तमान स्थिति: FIR दर्ज, पुलिसिया कार्रवाई जारी।
VOB का नजरिया: जमीन की भूख और गिरती मर्यादा!
जमीन के विवाद में मारपीट की घटनाएं आम हैं, लेकिन एक नाबालिग को निशाना बनाना अपराध की पराकाष्ठा है। सुल्तानगंज की यह घटना दर्शाती है कि समाज में कानून का डर कम होता जा रहा है। पुलिस को चाहिए कि वह न केवल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा भी प्रदान करे ताकि उन पर दोबारा हमला न हो सके।


