अब आसमान से होगी अपराधियों पर नजर! बिहार पुलिस खरीदेगी 50 हाई-टेक ड्रोन; सम्राट चौधरी ने ₹24.50 करोड़ के फंड को दी मंजूरी

पटना: बिहार की कानून-व्यवस्था को ‘हाई-टेक’ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने एलान किया है कि बिहार पुलिस अब आधुनिक ड्रोन तकनीक से लैस होगी। अपराधियों की धरपकड़ हो या दियारा इलाकों की निगरानी, अब पुलिस की तीसरी आँख आसमान से हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेगी। इसके लिए गृह विभाग ने भारी-भरकम राशि की प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी है।

24.50 करोड़ का ‘स्मार्ट’ निवेश

​राज्य सरकार ने पुलिस बल के आधुनिकीकरण (Modernization) को अपनी प्राथमिकता में रखा है।

  • बजट और संख्या: पुलिस बल के लिए कुल 50 हाई-टेक ड्रोन खरीदे जाएंगे, जिसके लिए ₹24.50 करोड़ खर्च करने की मंजूरी मिली है।
  • तकनीकी मजबूती: सम्राट चौधरी के अनुसार, जटिल भौगोलिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों में अब पुलिस को जमीन पर संघर्ष करने के साथ-साथ आसमान से सटीक और रीयल-टाइम डेटा मिल सकेगा।

ड्रोन से आसान होंगे ये 5 मुश्किल काम

​सम्राट चौधरी ने बताया कि इन ड्रोनों का इस्तेमाल केवल फोटो खींचने के लिए नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण ऑपरेशंस के लिए किया जाएगा:

  1. भीड़ नियंत्रण (Crowd Control): मेलों, रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों की पहचान और भीड़ को मैनेज करना आसान होगा।
  2. नदी क्षेत्रों की सुरक्षा (River Surveillance): बिहार के दियारा और नदी इलाकों में जहाँ गाड़ी या पैदल जाना मुश्किल है, वहाँ शराब माफिया और अपराधी छिप जाते हैं। ड्रोन यहाँ गेम-चेंजर साबित होंगे।
  3. अपराध निगरानी: संवेदनशील और क्राइम-हॉटस्पॉट वाले इलाकों में 24×7 हवाई गश्त संभव होगी।
  4. आपदा प्रबंधन: बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान फंसे हुए लोगों की लोकेशन ट्रेस करने में बड़ी मदद मिलेगी।
  5. सटीक कार्रवाई: हवाई निगरानी से पुलिस को सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ का एक्शन अधिक प्रभावी होगा।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • कुल खरीद: 50 आधुनिक ड्रोन।
  • स्वीकृत राशि: लगभग ₹24.50 करोड़।
  • विभाग: गृह विभाग, बिहार सरकार।
  • मुख्य उद्देश्य: पुलिस बल का सशक्तिकरण और अपराध पर लगाम।
  • घोषणाकर्ता: सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री)।

VOB का नजरिया: तकनीक के साथ ‘ट्रेनिंग’ भी है जरूरी!

​बिहार पुलिस को ड्रोन से लैस करना एक सराहनीय कदम है, खासकर शराब माफिया और बालू तस्करों के खिलाफ जारी जंग में यह तकनीक काफी कारगर होगी। हालांकि, केवल मशीनें खरीदना काफी नहीं है; पुलिस कर्मियों को इन अत्याधुनिक ड्रोनों को ऑपरेट करने और उनसे मिले डेटा का विश्लेषण करने के लिए विशेष ट्रेनिंग देना भी अनिवार्य होगा। उम्मीद है कि यह ‘आसमानी पुलिस’ बिहार की गलियों और दियारा के जंगलों में खौफ का पर्याय बने अपराधियों पर नकेल कसने में सफल होगी।

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