नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया. इस शानदार जीत के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर लोगों के प्रति नहीं बल्कि टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों और स्टाफ के प्रति जवाबदेह हैं.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने टीम की सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ पूर्व कोच Rahul Dravid और दिग्गज बल्लेबाज V. V. S. Laxman को भी दिया.
भारत ने एक साथ रचे तीन इतिहास
फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर भारत ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए.
- भारत अब तीन बार ICC Men’s T20 World Cup जीतने वाली पहली टीम बन गया है.
- इससे पहले भारत ने 2007 और 2024 में यह खिताब जीता था.
- टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम भी बन गई.
- इसके साथ ही भारत अपने घर में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भी पहली टीम बन गया.
‘टीम जितनी अच्छी, कोच उतना अच्छा’
गंभीर ने कहा कि किसी भी कोच की असली पहचान उसकी टीम से होती है.
उन्होंने कहा,
“एक कोच उतना ही अच्छा होता है जितनी उसकी टीम. खिलाड़ियों ने मुझे वो कोच बनाया है जो मैं हूं.”
इतिहास रचने के इस पल में भी गंभीर ने टीम के पूर्व कोच Rahul Dravid और V. V. S. Laxman को याद किया.
द्रविड़ और लक्ष्मण को समर्पित की ट्रॉफी
गंभीर ने कहा कि वह इस जीत का श्रेय द्रविड़ और लक्ष्मण को देना चाहते हैं.
उन्होंने कहा,
“मैं यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करूंगा. राहुल भाई ने भारतीय टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नई प्रतिभाओं की मजबूत पाइपलाइन तैयार की है.”
अजीत अगरकर और जय शाह का भी किया धन्यवाद
गंभीर ने भारत के चीफ सिलेक्टर Ajit Agarkar की भी जमकर तारीफ की.
उन्होंने कहा कि अगरकर ने काफी आलोचना झेलने के बावजूद बेहद ईमानदारी से काम किया. इसके अलावा उन्होंने Jay Shah का भी धन्यवाद दिया.
गंभीर ने बताया कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज हारने के बाद जब वह मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तब जय शाह ने उनका समर्थन किया.
‘हारने का डर छोड़ना होगा’
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए. इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर सिमट गई.
गंभीर ने कहा कि टीम की सफलता की असली वजह निडर क्रिकेट है.
उन्होंने कहा,
“हमें हारने का डर छोड़ना होगा. कंजर्वेटिव क्रिकेट खेलने से बेहतर है कि हम बहादुरी दिखाएं. अगर 120 रन पर आउट भी हो जाएं तो कोई बात नहीं, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में 250 रन बनाने की हिम्मत होनी चाहिए.”
कप्तान सूर्यकुमार यादव की तारीफ
हेड कोच गौतम गंभीर ने टीम के कप्तान Suryakumar Yadav की भी जमकर तारीफ की.
उन्होंने कहा,
“सूर्या ने मेरा काम बहुत आसान कर दिया. वह एक ऐसे लीडर हैं जो पूरी टीम को परिवार की तरह साथ लेकर चलते हैं.”
गंभीर ने यह भी कहा कि टीम को व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा ट्रॉफी जीतने पर ध्यान देना चाहिए.
“कई सालों से हम व्यक्तिगत माइलस्टोन का जश्न मनाते आ रहे हैं, लेकिन असली जश्न टीम की ट्रॉफी का होना चाहिए.”


