सॉफ्टवेयर इंजीनियर से IAS बनने तक का सफर: औरंगाबाद की मोनिका ने UPSC में हासिल की 16वीं रैंक

औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले की बेटी मोनिका ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार और जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे बिहार में गर्व का माहौल बना दिया है। मोनिका की सफलता की कहानी मेहनत, लगन और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल मानी जा रही है।

मोनिका ने अपने करियर की शुरुआत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में की थी, लेकिन बाद में उन्होंने देश सेवा के उद्देश्य से सिविल सेवा की राह चुनी। लगातार कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC में शानदार रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कोविड काल ने बदल दी सोच

मोनिका के जीवन में एक बड़ा मोड़ कोविड-19 महामारी के दौरान आया। उस समय उन्होंने अपने परिवार के लोगों को जरूरतमंदों की मदद करते देखा। समाज के लिए किए जा रहे इन कार्यों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। तभी उन्होंने तय किया कि वह प्रशासनिक सेवा में जाकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगी। इसके बाद उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

कड़ी मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता

सिविल सेवा की तैयारी के दौरान मोनिका ने लंबे समय तक लगातार पढ़ाई और अनुशासन बनाए रखा। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए धैर्य, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी होती है। कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर लगातार फोकस बनाए रखा।

मोनिका का कहना है कि सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा होता है। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।

युवाओं और छात्राओं के लिए प्रेरणा

मोनिका की उपलब्धि खासकर उन युवाओं और छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेना चाहिए। लगातार प्रयास और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी है।

उन्होंने छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर लड़कियां अपने सपनों को लेकर गंभीर हों और पूरी मेहनत से आगे बढ़ें, तो वे किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।

जिले में खुशी और गर्व का माहौल

मोनिका की सफलता की खबर मिलते ही औरंगाबाद में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें लगातार बधाइयां दे रहे हैं।

मोनिका की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

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