खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ी वारदात: पीरपैंती-अम्मापाली फोरलेन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिला युवक का शव।
- पहचान: मृतक की पहचान ओलापुर निवासी पिंकू मंडल के रूप में हुई।
- लापता: शनिवार सुबह 10 बजे से ही घर से गायब था पिंकू; रविवार सुबह मिली लाश।
- साजिश की बू: परिजनों ने हत्या कर शव फेंकने और उसे दुर्घटना का रूप देने का लगाया आरोप।
- पुलिस एक्शन: सब इंस्पेक्टर संगम कुमारी ने टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पीरपैंती: भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र में रविवार की सुबह उस समय कोहराम मच गया, जब स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव पड़ा देखा। पीरपैंती-अम्मापाली फोरलेन के पास मिली इस लाश की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। शिनाख्त होने पर पता चला कि यह शव ओलापुर निवासी हुकुमचंद मंडल के बेटे पिंकू मंडल का है। इस घटना के बाद से मृतक के घर में मातम पसरा है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
शनिवार से था लापता, रविवार को मिली ‘सजा’
मृतक के पिता हुकुमचंद मंडल ने बताया कि पिंकू शनिवार सुबह करीब 10 बजे उनके साथ ही घर से निकला था। लेकिन कुछ देर बाद वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने शनिवार की पूरी रात उसे हर जगह ढूंढा, रिश्तेदारों के यहाँ फोन किए, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। रविवार की सुबह जब बेटे की मौत की खबर आई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
“मर्डर को एक्सीडेंट बनाने की कोशिश”: परिजनों का दावा
इस मामले में मृतक के बेटे नीतीश कुमार और पिता हुकुमचंद मंडल ने हत्या की गहरी आशंका जताई है। उनका साफ तौर पर कहना है कि पिंकू की हत्या कहीं और की गई और फिर साक्ष्य मिटाने व मामले को रेल दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक के पास लाकर फेंक दिया गया। परिजनों ने पुलिस से इस ‘रहस्यमयी मौत’ के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब करने की मांग की है।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- मृतक का नाम: पिंकू मंडल (पिता- हुकुमचंद मंडल)।
- निवासी: ओलापुर, पीरपैंती।
- घटनास्थल: पीरपैंती-अम्मापाली फोरलेन के पास रेलवे ट्रैक।
- लापता होने का समय: शनिवार सुबह 10:00 बजे (07 मार्च 2026)।
- जांच अधिकारी: सब इंस्पेक्टर संगम कुमारी।
- आरोप: हत्या कर शव को साजिशन रेलवे ट्रैक के पास फेंका गया।
VOB का नजरिया: साजिश या हादसा? पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
रेलवे ट्रैक के पास शव का मिलना बिहार में अक्सर हत्या को छुपाने का एक पुराना ‘पैटर्न’ रहा है। पिंकू मंडल के मामले में भी परिजनों के आरोप इसी ओर इशारा कर रहे हैं। क्या यह वाकई एक हादसा है या किसी पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम? पीरपैंती पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझाना और परिजनों को इंसाफ दिलाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन इस केस में अहम सुराग साबित हो सकते हैं।


