तेजस्वी यादव और चिराग पासवान से ज्यादा काबिल क्यों माने जा रहे हैं निशांत कुमार? जदयू ज्वाइन करते ही चर्चा तेज

पटना: बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar ने आधिकारिक रूप से Janata Dal (United) (जदयू) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए राजनीतिक वारिस की एंट्री हो गई है।

अब राजनीतिक गलियारों में उनकी तुलना राज्य के अन्य प्रमुख युवा नेताओं जैसे Tejashwi Yadav और Chirag Paswan से की जा रही है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीति में औपचारिक प्रवेश से पहले ही निशांत कुमार अपनी शिक्षा और व्यक्तित्व के कारण इन नेताओं से अलग पहचान बना चुके हैं।

सादगी और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं निशांत

निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते पुत्र हैं। उनका जन्म वर्ष 1975 में बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। वर्ष 2026 के अनुसार उनकी उम्र करीब 50 वर्ष के आसपास मानी जाती है।

निशांत लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे हैं और उन्हें सादगीपूर्ण जीवनशैली तथा शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद वे अक्सर मीडिया से दूरी बनाए रखते हैं और कम बोलने वाले व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते हैं।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने बनाई अलग पहचान

शिक्षा के मामले में निशांत कुमार को बिहार के कई युवा नेताओं से आगे माना जाता है। उन्होंने झारखंड के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान Birla Institute of Technology Mesra (BIT मेसरा) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और बीटेक की डिग्री हासिल की है।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट या राजनीति में तुरंत सक्रिय भूमिका निभाने के बजाय अपेक्षाकृत निजी और शांत जीवन जीना पसंद किया। यही वजह है कि वे लंबे समय तक राजनीतिक सुर्खियों से दूर रहे।

राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद अलग राह

निशांत कुमार की माता मंजू सिन्हा पेशे से शिक्षिका थीं। वर्ष 2007 में उनके निधन के बाद से निशांत अपने पिता के और भी करीब माने जाते हैं।

हालांकि वे किसी भी बड़े राजनीतिक पद या प्रचार से लंबे समय तक दूर रहे, लेकिन कई बार वे अपने पिता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दिए। उनकी सादगी, कम बोलने की आदत और सार्वजनिक जीवन से दूरी उन्हें बिहार के अन्य राजनीतिक परिवारों के वारिसों से अलग पहचान देती है।

तेजस्वी और चिराग से तुलना क्यों?

बिहार की राजनीति में युवा नेतृत्व की बात करें तो Tejashwi Yadav और Chirag Paswan पहले से ही सक्रिय हैं। तेजस्वी यादव पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav के बेटे हैं, जबकि चिराग पासवान दिवंगत नेता Ram Vilas Paswan के पुत्र हैं।

राजनीतिक अनुभव के मामले में तेजस्वी और चिराग दोनों काफी आगे हैं, लेकिन शिक्षा के स्तर पर अक्सर निशांत कुमार का नाम उनसे अधिक पढ़े-लिखे नेता के रूप में लिया जाता है।

राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जाता है कि जहां निशांत इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं, वहीं तेजस्वी यादव की पढ़ाई को लेकर उनके विरोधी अक्सर सवाल उठाते रहे हैं।

अब राजनीति में देनी होगी असली परीक्षा

हालांकि शिक्षा और व्यक्तिगत छवि के आधार पर निशांत कुमार को काबिल माना जा रहा है, लेकिन असली चुनौती अब राजनीति के मैदान में होगी।

जदयू में शामिल होने के बाद उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे, पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे और जनता के बीच अपनी पहचान बनाएंगे।

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि भविष्य में उन्हें सरकार या पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। यहां तक कि कुछ सूत्रों के मुताबिक उन्हें आने वाले समय में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि राजनीति में नई शुरुआत करने वाले निशांत कुमार बिहार की सियासत में किस तरह अपनी जगह बनाते हैं और क्या वे अपने पिता नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा पाते हैं।

  • ये भी पढ़े..

    पटना के नौबतपुर में दो महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म, SIT गठित कर जांच में जुटी पुलिस

    Share Add as a preferred…