Disaster Management: दिल्ली में बिहार ने साझा किया ‘मैनेजमेंट मंत्र’; इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और NDEM 5.0 पर मंथन, संयुक्त सचिव ने रखा पक्ष

खबर के मुख्य बिंदु:

  • राष्ट्रीय सेमिनार: नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया पर महत्वपूर्ण चर्चा।
  • बिहार की भागीदारी: आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव श्री मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने किया प्रतिनिधित्व।
  • टेक्नोलॉजी पर जोर: NDEM 5.0 पोर्टल को बताया आपदा प्रबंधन की नई ‘लाइफलाइन’।
  • समन्वय: राज्यों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करने और इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम को मजबूत करने पर बल।

नई दिल्ली: आपदा के समय कम से कम समय में सटीक प्रतिक्रिया कैसे दी जाए, इस दिशा में आज देश की राजधानी में एक अहम कदम उठाया गया। नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में “Integrated Control Room for Emergency Response (ICR-ER) and Coordination with SEOCs” विषय पर एक उच्चस्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया।

NDEM 5.0 पोर्टल: आपदा के समय ‘रियल-टाइम’ समाधान

​बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर विभाग के संयुक्त सचिव श्री मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने सेमिनार में शिरकत की।

  • सूचना प्रबंधन: संयुक्त सचिव ने इंटर-एजेंसी समन्वय और NDEM 5.0 पोर्टल की उपयोगिता पर अपने विचार रखे।
  • त्वरित प्रतिक्रिया: उन्होंने बताया कि यह पोर्टल न केवल आपदा की सूचना देने में मदद करता है, बल्कि प्रतिक्रिया प्रणाली को ‘रियल-टाइम’ अपडेट के जरिए सुदृढ़ और पारदर्शी बनाता है। इससे राहत कार्यों में देरी की संभावना कम हो जाती है।

राज्यों के बीच समन्वय की नई रणनीति

​सेमिनार के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने एक ही छत के नीचे बैठकर भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की।

  1. इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम: आपातकालीन परिस्थितियों में अलग-अलग एजेंसियां कैसे एक साथ मिलकर काम करें, इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।
  2. SEOCs के साथ तालमेल: राज्य आपातकालीन संचालन केंद्रों (SEOCs) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग की वकालत की गई।
  3. बिहार की टीम: इस अवसर पर विभाग के प्रोग्रामर अमन कुमार और ऋतु राणा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने तकनीकी बारीकियों को साझा किया।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • विषय: Integrated Control Room for Emergency Response (ICR-ER)।
  • आयोजन स्थल: एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल, नई दिल्ली।
  • बिहार के मुख्य प्रतिनिधि: मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी (संयुक्त सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग)।
  • मुख्य पोर्टल: NDEM 5.0 (National Database for Emergency Management)।
  • प्रमुख उद्देश्य: आपदा प्रतिक्रिया को सुदृढ़ बनाना और इंटर-एजेंसी समन्वय बढ़ाना।

VOB का नजरिया: तकनीक ही है आपदा का ‘सुरक्षा कवच’

​बिहार जैसे राज्य के लिए, जहाँ बाढ़ और अन्य आपदाएं हर साल चुनौती पेश करती हैं, दिल्ली में हुआ यह मंथन बेहद महत्वपूर्ण है। NDEM 5.0 जैसे पोर्टल और इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे जिला स्तर पर कितनी कुशलता से लागू किया जाता है। आपदा प्रबंधन विभाग की यह भागीदारी दर्शाती है कि बिहार अब पारंपरिक राहत कार्यों से आगे बढ़कर ‘टेक्नोलॉजी-आधारित’ बचाव कार्य की ओर बढ़ रहा है।

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