खबर के मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक प्रोजेक्ट: बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय को जोड़ने वाली 542 करोड़ की सुरंग का कार्यारंभ।
- टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर टनल बोरिंग मशीन से काम की शुरुआत कराई।
- स्मार्ट पटना: म्यूजियम के साथ-साथ ऑफिसर्स हॉस्टल और बहुमंजिला आवासों का भी होगा निर्माण।
- पर्यटन को बढ़ावा: पर्यटकों को एक ही टिकट और एक ही रास्ते से दोनों म्यूजियम घूमने की मिलेगी सुविधा।
पटना: राजधानी पटना की सड़कों के नीचे अब एक नया ‘अजूबा’ आकार लेने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को 542 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उस महत्वाकांक्षी सुरंग (Tunnel) का शिलान्यास किया, जो बेली रोड के नीचे-नीचे बिहार संग्रहालय (Bihar Museum) और पटना संग्रहालय (Patna Museum) को एक सूत्र में पिरोएगी। इस सब-वे टनल के बन जाने के बाद पटना दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहाँ दो विश्वस्तरीय संग्रहालय आपस में अंडरग्राउंड जुड़े हुए हैं।
542 करोड़ की ‘अंडरग्राउंड’ क्रांति
नेहरू पथ (हड़ताली मोड़) के पास निर्माणाधीन इस म्यूजियम सब-वे टनल का काम अब युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है।
- मशीनी आगाज़: मुख्यमंत्री ने स्वयं मशीन का बटन दबाकर निर्माण प्रक्रिया का उद्घाटन किया।
- पर्यटकों की राह होगी आसान: इस टनल के जरिए लोग बिना मुख्य सड़क (नेहरू पथ) पर आए, एक म्यूजियम से दूसरे म्यूजियम तक आसानी से जा सकेंगे। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।
- ट्रैफिक का ख्याल: मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि टनल का निर्माण इस तरह हो जिससे नेहरू पथ पर ऊपर चल रहे ट्रैफिक को रत्ती भर भी परेशानी न हो।
हाई-टेक आवास और ऑफिसर्स हॉस्टल: ‘नया पटना’
मुख्यमंत्री ने केवल टनल ही नहीं, बल्कि म्यूजियम के आसपास के पूरे इलाके को ‘री-डेवलप’ करने का खाका खींचा है।
- मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग: पुराने स्ट्रक्चर्स को तोड़कर अब यहाँ अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला इमारतें बनेंगी। इसमें 60 नए आवास और ऑफिसर्स हॉस्टल कैंपस शामिल हैं।
- स्मार्ट सुविधाएं: नए परिसर में सोलर पार्किंग शेड, ओपन पार्किंग और एक शानदार क्लब हाउस होगा।
- ग्रीन स्पेस: संग्रहालय के ठीक बगल में एक विश्वस्तरीय पार्क का निर्माण कराया जाएगा, ताकि यहाँ आने वाले लोग हरियाली और शांति का आनंद ले सकें।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- प्रोजेक्ट का नाम: म्यूजियम सब-वे टनल (बिहार संग्रहालय-पटना संग्रहालय लिंक)।
- कुल लागत: ₹542 करोड़।
- स्थान: नेहरू पथ (हड़ताली मोड़), पटना।
- प्रमुख घोषणा: आवास परिसर में सोलर पार्किंग और क्लब हाउस की सुविधा।
- शिलान्यास की तिथि: 08 मार्च, 2026।
- मुख्य निर्देश: निर्माण कार्य में तेजी लाएं और पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
VOB का नजरिया: विरासत और आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ केवल ईंट-पत्थर की सुरंग नहीं है, बल्कि बिहार की समृद्ध विरासत को आधुनिक इंजीनियरिंग से जोड़ने की एक कोशिश है। 542 करोड़ का यह निवेश पटना को एक ‘इंटरनेशनल टूरिस्ट हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि, हड़ताली मोड़ जैसे व्यस्त इलाके में निर्माण के दौरान ट्रैफिक को संभालना बड़ी चुनौती होगी। उम्मीद है कि विभाग मुख्यमंत्री की ‘डेडलाइन’ का सम्मान करते हुए इसे समय पर पूरा करेगा।


