Bihar Police Action: रिश्वतखोर दारोगा ‘आउट’! मुजफ्फरपुर में रंगे हाथ धराए सुमन झा बर्खास्त; DIG ने दिखाया करप्शन पर ‘रेड कार्ड’

खबर के मुख्य बिंदु:

  • कड़ी कार्रवाई: तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने दारोगा सुमन कुमार झा को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया।
  • रंगे हाथ गिरफ्तारी: रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद शनिवार को लिया गया बड़ा फैसला।
  • दागदार इतिहास: केवल रिश्वत ही नहीं, पुराने खराब ट्रैक रिकॉर्ड ने भी छीनी दारोगा की वर्दी।
  • जीरो टॉलरेंस: बिहार पुलिस मुख्यालय के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और नजीर।

मुजफ्फरपुर: बिहार पुलिस में ‘खाकी’ को दागदार करने वाले अधिकारियों के लिए अब विभाग में कोई जगह नहीं है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए मुजफ्फरपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने रिश्वतखोरी के आरोप में घिरे दारोगा सुमन कुमार झा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया है।

रिश्वत के साथ दागदार रिकॉर्ड ने डुबोई लुटिया

​दारोगा सुमन झा की बर्खास्तगी केवल एक तात्कालिक घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि उनकी पूरी कार्यशैली पर सवालिया निशान था।

  • रंगे हाथ पकड़े गए: सुमन झा को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया था, जिसके बाद विभाग ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
  • DSP की रिपोर्ट: डीएसपी पूर्वी-2 ने मामले की गहन जांच की और अपनी रिपोर्ट डीआईजी को सौंपी। इस रिपोर्ट में दारोगा के खिलाफ पुख्ता सबूत पाए गए।
  • पुराना रिकॉर्ड: जांच में यह भी सामने आया कि सुमन झा का ट्रैक रिकॉर्ड पहले से ही संदिग्ध और दागदार रहा है। इसी के आधार पर उन्हें पुलिस सेवा के योग्य नहीं माना गया।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • नाम: सुमन कुमार झा (पद- दारोगा/सब-इंस्पेक्टर)।
  • कार्रवाई करने वाले अधिकारी: चंदन कुशवाहा (DIG, तिरहुत रेंज)।
  • आरोप: रिश्वत लेना और भ्रष्टाचार में संलिप्तता।
  • मूल निवासी: मधुबनी जिला (भेजा थाना क्षेत्र)।
  • कार्रवाई की तिथि: 07 मार्च 2026 (बर्खास्तगी आदेश)।
  • महत्व: विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश।

VOB का नजरिया: वर्दी की साख बचाना जरूरी

​बिहार पुलिस में पिछले कुछ समय से ‘काली भेड़ों’ को बाहर निकालने का जो अभियान चल रहा है, सुमन झा की बर्खास्तगी उसी की एक कड़ी है। रिश्वत के बदले न्याय बेचने वाले अधिकारियों के कारण ही आम जनता का पुलिस पर से भरोसा उठता है। डीआईजी चंदन कुशवाहा की यह त्वरित कार्रवाई उन सभी पुलिसकर्मियों के लिए चेतावनी है जो कानून की वर्दी पहनकर कानून को ही जेब में रखने की कोशिश करते हैं।

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