अन्नदाता की कमाई पर ‘डाका’ डालने वाला ‘फनटोस’ गिरफ्तार! PM किसान योजना के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का छठा मेंबर सलाखों के पीछे

खबर के मुख्य बिंदु:

  • बड़ी कामयाबी: पी०एम० किसान योजना का पैसा उड़ाने वाले गिरोह का एक और शातिर सदस्य गिरफ्तार।
  • गिरफ्तारी: रघुवंश नगर (पूर्णिया) का रहने वाला फनटोस मंडल दबोचा गया।
  • ठगी का तरीका: ‘केवाईसी’ (KYC) अपडेट करने के नाम पर किसानों के खातों में सेंधमारी।
  • अब तक की कार्रवाई: इस सिंडिकेट के कुल 06 अभियुक्त अब तक भेजे जा चुके हैं जेल।

भागलपुर: साइबर अपराधियों ने अब सीधे किसानों की गाढ़ी कमाई और सरकारी योजनाओं के पैसों पर नजर गड़ा दी है। भागलपुर पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो पी०एम० किसान योजना के लाभार्थियों को अपना शिकार बना रहा था। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े रुख के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए गिरोह के छठे सदस्य फनटोस मंडल को धर दबोचा है।

कैसे चलता था ठगी का ‘खेल’?

​इस गिरोह ने किसानों की मजबूरी को अपना हथियार बनाया था।

  • KYC का झांसा: अपराधी किसानों से संपर्क कर उन्हें डराते थे कि केवाईसी नहीं होने के कारण उनके पी०एम० किसान योजना का पैसा रुक गया है।
  • धोखे से खाता खोलना: केवाईसी के नाम पर ये गिरोह चुपके से दूसरा खाता खोल लेते थे और योजना की राशि आते ही उसे अवैध रूप से निकाल लेते थे।
  • गिरफ्तारी की लोकेशन: तकनीकी सूचना के आधार पर पुलिस ने फनटोस को उसकी दुकान (नाथपुर रंगरा) से गिरफ्तार किया।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • गिरफ्तार अभियुक्त: फनटोस मंडल (पिता- महेन्द्र मंडल), सा०- नाथपुर रंगरा, पूर्णिया।
  • बरामदगी: 01 लैपटॉप और 01 मोबाइल फोन।
  • केस विवरण: साइबर थाना भागलपुर कांड सं0-20/2026।
  • पुलिस नेतृत्व: पुलिस अधीक्षक (नगर) की निगरानी और डीएसपी साइबर के नेतृत्व में गठित टीम।
  • कुल गिरफ्तारी: अब तक इस कांड में 06 आरोपी जेल जा चुके हैं।

सराहनीय भूमिका: ये रहे ‘छापामारी दल’ के सदस्य

​साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में इन जांबाज पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही:

  • जांच टीम: पु०अ०नि० शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार और रामकृष्ण।
  • सहयोगी बल: सिपाही अशोक कुमार, सुभाष कुमार और चा0सि0 रवि कुमार।
  • तकनीकी एक्सपर्ट: पु०नि० राकेश कुमार, सिपाही धर्मेन्द्र कुमार और नीतीश कुमार।

VOB का नजरिया: ‘फनटोस’ के चक्कर में न पड़ें किसान भाई!

​साइबर अपराधी अब इतने ‘फनटोस’ (अजीबोगरीब) नाम रख रहे हैं कि सुनने में मजाकिया लगे, लेकिन इनके कारनामे उतने ही गंभीर हैं। पी०एम० किसान योजना का पैसा सीधे किसानों के खातों में आता है। सरकार या बैंक कभी भी फोन पर केवाईसी के लिए गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ अपील करता है कि अगर कोई केवाईसी के नाम पर ओटीपी या खाता खोलने की बात करे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

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