खबर के मुख्य बिंदु:
- सीक्रेट मीटिंग: राजभवन में सीएम नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बीच 10 मिनट की बंद कमरे में बातचीत।
- बड़ा बदलाव: पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) नियुक्त किए गए बिहार के नए राज्यपाल।
- इस्तीफे की सुगबुगाहट: राज्यसभा नामांकन के बाद नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने की अटकलें हुईं तेज।
- अधिकारिक पक्ष: सरकार ने बताया ‘शिष्टाचार मुलाकात’, लेकिन राजनीतिक गलियारे में चर्चा गर्म।
पटना: बिहार की राजनीति इस वक्त उस मोड़ पर है जहां हर मुलाकात के सौ मायने निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की, जिसने राज्य की सियासी सरगर्मियों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद नीतीश कुमार का राजभवन जाना महज ‘शिष्टाचार’ है या फिर किसी ‘बड़े धमाके’ की पूर्व संध्या, इस पर चर्चा तेज है। इसी बीच केंद्र ने बिहार को नया ‘गार्डियन’ भी दे दिया है।
राजभवन में 10 मिनट का ‘सस्पेंस’
शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक लोक भवन (राजभवन) पहुंचे।
- बंद कमरे में चर्चा: मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच करीब 10 मिनट तक एकांत में बातचीत हुई।
- विदाई की बेला: आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि वर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, इसलिए मुख्यमंत्री उनसे शिष्टाचार के नाते मिलने पहुंचे थे।
- इस्तीफे का सवाल: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार ने अपने संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन की रूपरेखा पर शुरुआती चर्चा की है।
लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन: बिहार के नए ‘महामहिम’
बिहार को नया राज्यपाल मिल गया है। केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के अनुभवी और चर्चित पूर्व अधिकारी सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया है।
- सैन्य पृष्ठभूमि: हसनैन सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं और कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में अपनी सेवा के लिए जाने जाते हैं।
- नई पारी: वे जल्द ही पदभार ग्रहण करेंगे। माना जा रहा है कि उनके आने के बाद बिहार के प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे में एक नया तालमेल देखने को मिल सकता है।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- मुलाकात की जगह: लोक भवन (राजभवन), पटना।
- मुलाकात का समय: करीब 10 मिनट।
- नए राज्यपाल: लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड)।
- निवर्तमान राज्यपाल: आरिफ मोहम्मद खान।
- बड़ी घटना: नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए नामांकन (5 मार्च 2026)।
VOB का नजरिया: क्या ‘खेला’ होने वाला है?
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना अब महज एक औपचारिकता नहीं रह गया है। राज्यपाल से यह मुलाकात उस वक्त हुई है जब बिहार को नया राज्यपाल भी मिल गया है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले सैयद अता हसनैन की नियुक्ति और नीतीश का दिल्ली कूच, ये दोनों घटनाएं संकेत दे रही हैं कि बिहार में ‘पावर शिफ्ट’ की तैयारी पूरी हो चुकी है। क्या अगले 48 घंटों में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा? या फिर नीतीश कुमार खुद इस्तीफा सौंपकर नए उत्तराधिकारी का नाम राज्यपाल को थमा चुके हैं? बिहार की जनता फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है।


