खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ी मांग: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद चिराग पासवान को सीएम बनाने की मांग तेज।
- लोजपा (आर) का दांव: प्रदेश प्रवक्ता मनीष सिंह ने सोशल मीडिया पर चिराग को ‘नई ऊर्जा’ का प्रतीक बताया।
- विजन: “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” के जरिए राज्य को अग्रणी बनाने का दावा।
- रेस में अन्य: बीजेपी के सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के नामों पर भी मंथन जारी।
पटना: बिहार की राजनीति में 20 साल से चला आ रहा ‘नीतीश युग’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के साथ ही पटना से दिल्ली तक एक ही सवाल गूंज रहा है— “नीतीश का उत्तराधिकारी कौन?” इस महा-रेस में अब तक बीजेपी के दिग्गज चेहरों की चर्चा हो रही थी, लेकिन शनिवार को एनडीए की सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने एक नया नाम उछालकर सियासी पारा बढ़ा दिया है। लोजपा (आर) अब अपने नेता चिराग पासवान को बिहार की कमान सौंपने की पुरजोर वकालत कर रही है।
“नई ऊर्जा और नई सोच की जरूरत”: मनीष सिंह
लोजपा (आर) के प्रदेश प्रवक्ता मनीष सिंह ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा कर चिराग पासवान की दावेदारी पेश की। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए भविष्य की रणनीति साफ की:
- ऐतिहासिक विदाई: मनीष सिंह ने कहा कि नीतीश जी का राष्ट्रीय राजनीति में लौटना देश के लिए गर्व की बात है, लेकिन अब बिहार को एक युवा और विजनरी नेतृत्व की जरूरत है।
- युवा नेतृत्व: उन्होंने तर्क दिया कि चिराग पासवान जैसे पढ़े-लिखे और दूरदर्शी नेता ही बिहार की “नई ऊर्जा” बन सकते हैं।
- सामाजिक न्याय: प्रवक्ता के अनुसार, चिराग का सीएम बनना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का लोकतंत्र में विश्वास मजबूत करेगा।
“बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” का मंत्र
चिराग पासवान काफी समय से अपने विजन डॉक्यूमेंट “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” के साथ जनता के बीच रहे हैं।
- पिछला प्रदर्शन: 2025 के विधानसभा चुनाव में लोजपा (आर) ने 19 सीटें जीतकर अपनी ताकत साबित की है।
- समर्थन: इससे पहले पार्टी के बिहार प्रभारी और सांसद अरुण भारती ने भी चिराग को बिहार के मुखिया के रूप में देखने की इच्छा जताई थी।
- युवा फैक्टर: बिहार की बड़ी युवा आबादी के बीच चिराग की लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश में पार्टी जुट गई है।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- वर्तमान स्थिति: नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए नामांकन भरा है।
- खाली पद: मुख्यमंत्री का पद जल्द ही रिक्त होने वाला है।
- प्रमुख दावेदार (BJP): सम्राट चौधरी (उप-मुख्यमंत्री), नित्यानंद राय (केंद्रीय राज्य मंत्री)।
- प्रमुख दावेदार (LJP-R): चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री)।
- चर्चा का केंद्र: नीतीश के बेटे निशांत कुमार के भी राजनीति में आने और डिप्टी सीएम बनने की अटकलें।
VOB का नजरिया: क्या बीजेपी छोटे भाई को देगी मौका?
बिहार में बीजेपी इस वक्त सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, और स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री का पद वह अपने पास रखना चाहेगी। सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। ऐसे में चिराग पासवान के नाम की मांग उठाकर लोजपा (आर) ने बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश की है। चिराग का ‘मोदी का हनुमान’ होना उनके पक्ष में जाता है, लेकिन क्या बीजेपी अपने नेतृत्व को छोड़कर चिराग को कमान सौंपेगी? यह एनडीए के भीतर एक बड़ी सौदेबाजी (Bargaining) का विषय बन सकता है। आने वाले 48 घंटे बिहार की नई सरकार की तस्वीर साफ कर देंगे।


