खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ा विरोध: फोरलेन निर्माण में वादाखिलाफी का आरोप; स्वीकृत डायवर्सन न मिलने पर भड़के ग्रामीण।
- जाम का झाम: खड़िया पिपरा हॉल्ट के पास जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में घंटों बाधित रहा आवागमन।
- अल्टीमेटम: सम्राट चौधरी और डीएम को पहले ही लिखा गया था पत्र; मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।
- प्रशासनिक पहल: मुंगेर डीएम ने फोन पर दिया भरोसा— “सोमवार को वार्ता के बाद मिलेगा समाधान।”
भागलपुर/मुंगेर: भागलपुर-मुंगेर फोरलेन निर्माण कार्य अब स्थानीय विरोध की जद में आ गया है। शनिवार की दोपहर खड़िया पिपरा हॉल्ट के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हजारों की संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क जाम कर दिया। मामला निर्माण कार्य के दौरान ‘डायवर्सन’ न दिए जाने का है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभाग ने डायवर्सन की स्वीकृति तो दे दी है, लेकिन निर्माण एजेंसी जमीन पर इसे लागू नहीं कर रही है।
कागजों पर ‘मंजूरी’, जमीन पर ‘मजबूरी’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे खड़िया पिपरा के मुखिया संजय कुमार सिंह और जिला परिषद सदस्या आशा जायसवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
- पूर्व सूचना: इस समस्या को लेकर पहले ही बिहार के गृहमंत्री सम्राट चौधरी और भागलपुर डीएम को पत्र लिखकर आगाह किया गया था।
- जनता की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि खड़िया पिपरा हॉल्ट के पास डायवर्सन न होने से रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। स्वीकृत होने के बावजूद इसे क्यों नहीं बनाया जा रहा, यह बड़ा सवाल है।
DM का दखल: सोमवार को होगी ‘आर-पार’ की बात
घंटों चले हंगामे और सड़क जाम के बाद मुंगेर के जिला पदाधिकारी (DM) ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने फोन पर मुखिया संजय कुमार सिंह से बात की और आश्वासन दिया:
- वार्ता का न्योता: सोमवार को मुखिया और प्रतिनिधिमंडल को कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाया गया है।
- आश्वासन: डीएम ने कहा कि डायवर्सन की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
- जाम खत्म: प्रशासन के इस भरोसे के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर सोमवार को ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदर्शन में कौन-कौन रहे शामिल?
शनिवार के इस प्रदर्शन में भारी जनसैलाब उमड़ा। मौके पर मुंगेर के बरियापुर के जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार सिंह, सरपंच उधो यादव, पैक्स अध्यक्ष राजेश कुमार, मुन्ना जयसवाल और वार्ड सदस्यों सहित हजारों ग्रामीण मौजूद थे।
VOB का नजरिया: विकास की राह में ‘डायवर्सन’ का पेंच
फोरलेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का मकसद सफर को आसान बनाना होता है, लेकिन अगर वही निर्माण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन जाए, तो विरोध लाजिमी है। गृहमंत्री तक पत्र पहुँचने के बाद भी विभाग की सुस्ती सवाल खड़े करती है। मुंगेर डीएम का सोमवार को होने वाला फैसला यह तय करेगा कि फोरलेन का काम बिना बाधा के आगे बढ़ेगा या खड़िया पिपरा की सड़कें फिर से जाम की गवाह बनेंगी।


