खबर के मुख्य बिंदु:
- जनादेश का अपमान: चुनाव के महज 3 महीने बाद नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना ‘धोखा’—अजीत शर्मा।
- बड़ा आरोप: भाजपा अपनी सहयोगी पार्टियों को बढ़ने नहीं देती; चिराग और नायडू को दी चेतावनी।
- खुला ऑफर: नीतीश महागठबंधन में वापस आएं और बिहार में फिर से चुनाव करवाएं।
- विधायकों से अपील: जेडीयू के विधायक अपना अस्तित्व बचाने के लिए पाला बदलें।
भागलपुर: बिहार की राजनीति में आए ‘नीतीश मोड’ ने विपक्ष को हमलावर होने का बड़ा मौका दे दिया है। 2025 के विधानसभा चुनाव के कुछ ही महीनों बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने एक “बड़ी साजिश” करार दिया है। भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस चेहरे पर जनता ने वोट दिया, वही चेहरा अब मैदान छोड़कर भाग रहा है।
“नीतीश का राज्यसभा जाना जनादेश के साथ विश्वासघात”
अजीत शर्मा ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला नीतीश कुमार का अपना नहीं हो सकता।
- हाईजैक की थ्योरी: कांग्रेस नेता का आरोप है कि भाजपा ने नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया है। उन्होंने कहा कि 2025 का चुनाव नीतीश जी के चेहरे पर लड़ा गया था, लेकिन जीत के तुरंत बाद उन्हें दिल्ली भेजना बिहार की जनता के साथ गद्दारी है।
- सहयोगियों को चेतावनी: भाजपा के पुराने इतिहास का हवाला देते हुए अजीत शर्मा ने कहा कि भाजपा अपने सहयोगियों को धीरे-धीरे खत्म कर देती है। उन्होंने चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू को भी नसीहत दी कि वे सावधान रहें, वरना उनका भी वही हश्र होगा जो जेडीयू का हो रहा है।
महागठबंधन का ‘री-इलेक्शन’ कार्ड
अजीत शर्मा ने नीतीश कुमार से एक भावुक और राजनीतिक अपील की है:
- बिहार न छोड़ें: उन्होंने कहा कि नीतीश जी को बिहार की कमान नहीं छोड़नी चाहिए।
- फिर से चुनाव: “अगर नीतीश कुमार वाकई बिहार का विकास चाहते हैं, तो उन्हें महागठबंधन के साथ वापस आना चाहिए और दोबारा चुनाव कराना चाहिए।”
- इंडिया गठबंधन की सरकार: उन्होंने दावा किया कि यदि दोबारा चुनाव हुए, तो ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा और बिहार को विकास की पटरी पर लौटाएगा।
जेडीयू विधायकों को ‘डबल अटैक’ की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने केवल नीतीश ही नहीं, बल्कि जेडीयू के विधायकों को भी आगाह किया है। उन्होंने आग्रह किया कि जेडीयू के विधायक जल्द से जल्द महागठबंधन का हिस्सा बनें। शर्मा के अनुसार, अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो भाजपा उनके वजूद और जनादेश को पूरी तरह खत्म कर देगी।
VOB का नजरिया: क्या वाकई बिहार में फिर होंगे चुनाव?
अजीत शर्मा का बयान विपक्षी खेमे की छटपटाहट और एक नई रणनीति को दर्शाता है। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से बिहार की राजनीति में जो ‘पावर वैक्यूम’ (शक्ति शून्य) बना है, उसे भरने के लिए महागठबंधन अब जेडीयू के असंतुष्ट विधायकों पर नजर गड़ाए हुए है। “फिर से चुनाव” की मांग दरअसल भाजपा और जेडीयू के नए समीकरणों के बीच जनता के मन में संशय पैदा करने की एक कोशिश है। क्या नीतीश कुमार इस अपील पर ध्यान देंगे या बिहार में ‘भाजपा युग’ की औपचारिक शुरुआत होगी, यह आने वाले कुछ दिन साफ कर देंगे।


