खबर के मुख्य बिंदु:
- दिल दहला देने वाली घटना: नवगछिया के जगतपुर में करंट लगने से युवक करण की दर्दनाक मौत।
- हादसे की वजह: पैर फिसलने पर संतुलन बनाने के लिए पकड़ा नंगा तार, दौड़ रहा था हाई-वोल्टेज करंट।
- अवैध शिकार का जाल: ग्रामीणों का आरोप— नीलगाय पकड़ने के लिए खेत में बिछाया गया था बिजली का तार।
- आरोपी: स्थानीय निवासी मंशा शेख पर लापरवाही और अवैध तार बिछाने का लगा आरोप।
भागलपुर/नवगछिया: जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत जगतपुर इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक बेगुनाह युवक, जो सुबह अपने परिवार की खुशहाली के लिए खेतों में काम करने निकला था, वह बिजली के एक ‘अवैध जाल’ का शिकार हो गया। नीलगाय को पकड़ने के लिए बिछाए गए नंगे तारों ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। घटना के बाद से गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
खेत से लौटते समय हुआ ‘काल’ का सामना
मृतक युवक की पहचान करण के रूप में हुई है। चश्मदीदों और परिजनों के अनुसार:
- पटवन के लिए गए थे खेत: करण रोज की तरह शनिवार सुबह अपने खेत में सिंचाई (पटवन) करने गए थे।
- अचानक फिसला पैर: काम खत्म कर जब वह घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनका पैर फिसल गया।
- मौत का सहारा: खुद को गिरने से बचाने के लिए करण ने पास से गुजर रहे एक तार को पकड़ लिया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह तार मौत का फंदा है। तार पकड़ते ही करण हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए।
दृश्य देख कांप गई रूह: शरीर से उठता दिखा धुआं
खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों ने बताया कि करंट लगते ही करण जोर-जोर से चीखने लगे। देखते ही देखते उनके शरीर से धुआं उठने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते और उन्हें बचाने की कोशिश करते, तब तक करण का शरीर पूरी तरह झुलस चुका था और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
नीलगाय के लिए बिछाया गया था ‘इलेक्ट्रिक ट्रैप’
इस घटना ने स्थानीय किसानों द्वारा अपनाए जा रहे खतरनाक तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- ग्रामीणों का आरोप: ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पड़ोस के रहने वाले मंशा शेख पर आरोप लगाया है।
- अवैध शिकार: कहा जा रहा है कि मंशा शेख ने अपनी फसल को बचाने या नीलगाय का शिकार करने के उद्देश्य से खेत के चारों ओर बिजली का नंगा तार फैला रखा था।
- लापरवाही की इंतहा: नीलगाय तो इस जाल में नहीं फंसी, लेकिन एक इंसान की जान जरूर चली गई।
VOB का नजरिया: फसल की सुरक्षा या इंसानी जान से खिलवाड़?
बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में नीलगायों का आतंक है, लेकिन उनसे निपटने के लिए बिजली के नंगे तारों का उपयोग करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि बेहद खतरनाक भी है। करण की मौत एक ‘एक्सीडेंट’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और समाज की लापरवाही’ है। बिजली विभाग और स्थानीय पुलिस को ऐसे अवैध बिजली कनेक्शनों और तारों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपी मंशा शेख पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि करण के परिवार को न्याय मिल सके।


