
खबर के मुख्य बिंदु:
- शर्मनाक: दिल्ली के हरिनगर में ड्यूटी पर गई जामताड़ा की आदिवासी छात्रा के साथ दुष्कर्म।
- तारीख: 2 मार्च को हुई वारदात; पीड़िता ने वापस लौटकर सुनाई आपबीती।
- आक्रोश: नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने 3 घंटे तक महिला थाने को घेरा; जमकर की नारेबाजी।
- कानूनी एक्शन: जामताड़ा एसपी के निर्देश पर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज; दिल्ली पुलिस को भेजा जाएगा मामला।
जामताड़ा/नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बेटियों के लिए असुरक्षित साबित हुई है। जामताड़ा के दुलाडीह स्थित कौशल नर्सिंग कॉलेज की एक आदिवासी छात्रा के साथ दिल्ली में दरिंदगी का मामला सामने आया है। छात्रा वहां होम केयर ड्यूटी के लिए गई थी, जहाँ सुरक्षा देने के बजाय उसे हवस का शिकार बनाया गया। इस घटना की खबर जैसे ही जामताड़ा पहुँची, नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने न्याय के लिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
होम केयर ड्यूटी और खौफनाक रात
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता नर्सिंग की छात्रा है और कॉलेज के माध्यम से उसे दिल्ली के हरिनगर थाना क्षेत्र में होम केयर ड्यूटी (मरीजों की देखभाल) के लिए भेजा गया था।
- वारदात: 2 मार्च को ड्यूटी के दौरान ही उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।
- चुप्पी और साहस: घटना के बाद डरी-सहमी छात्रा किसी तरह वापस जामताड़ा पहुँची और अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी।
जामताड़ा में 3 घंटे तक ‘संग्राम’
शनिवार को कौशल नर्सिंग कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने महिला थाने के समक्ष मोर्चा खोल दिया। करीब 3 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में छात्राओं ने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की। छात्राओं का कहना था कि जब छात्राएं शिक्षा और ट्रेनिंग के लिए बाहर जाती हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
पुलिस की कार्रवाई: क्या होती है ‘जीरो एफआईआर’?
जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया:
”पीड़िता के फर्द बयान के आधार पर जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर ली गई है। चूंकि मामला दिल्ली के हरिनगर का है, इसलिए इसे संबंधित थाने को ट्रांसफर कर दिया जाएगा ताकि वहां की पुलिस आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज सके।”


