खबर के मुख्य बिंदु:
- मामूली विवाद, भयानक अंजाम: सन्हौला के खिरीडांर गांव में मवेशी बांधने को लेकर पड़ोसियों में भिड़ंत।
- मौत का तांडव: 55 वर्षीय सुबोध मंडल की सिर पर लाठी लगने से मौके पर ही मौत।
- लाठी-डंडे चले: विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच जमकर हुई मारपीट।
- पुलिस एक्शन: सन्हौला पुलिस ने शव को कब्जे में लिया; आवेदन का इंतजार, जांच जारी।
भागलपुर: जिले के सन्हौला थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ शुक्रवार की देर शाम महज मवेशी बांधने जैसे मामूली विवाद ने एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। खिरीडांर गांव में हुई इस मारपीट में एक अधेड़ व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से गांव में तनाव व्याप्त है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क पर मवेशी और ‘मौत’ का मंजर
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ सड़क पर मवेशी बांधना था।
- शुरुआत: 55 वर्षीय सुबोध मंडल का उनके पड़ोसी के साथ घर के सामने सड़क पर मवेशी बांधने को लेकर कहासुनी शुरू हुई।
- खूनी मोड़: देखते ही देखते बात गाली-गलौज से बढ़कर लाठी-डंडों तक पहुँच गई। दोनों तरफ से लाठियां चलने लगीं।
- घातक चोट: इसी बीच एक लाठी सुबोध मंडल के सिर पर जोरदार तरीके से लगी। चोट इतनी गहरी थी कि सुबोध तुरंत जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही सन्हौला पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर थाने लाई। सन्हौला थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला पड़ोसियों के बीच विवाद का है।
”मृतक के शव को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए लाया गया है। पुलिस मौके पर पहुँचकर जांच कर रही है। हालांकि, परिजनों की ओर से अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। जैसे ही आवेदन प्राप्त होगा, आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — रूपेश कुमार, थानाध्यक्ष, सन्हौला
VOB का नजरिया: छोटी-छोटी बातें और उजड़ते परिवार
बिहार के ग्रामीण इलाकों में मवेशी बांधने, नाली के पानी या मेढ़ के विवाद में हत्या जैसी वारदातें चिंता का विषय हैं। सहनशीलता की कमी और छोटी बातों पर लाठी उठा लेने की प्रवृत्ति ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। पुलिस को चाहिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।


