महज एक ‘लेग पीस’ के लिए ‘खूनी’ होली! बिदुपुर में ऑटो ड्राइवर की सीने में दागी गोली; जश्न के बीच पसरा सन्नाटा

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • सनसनीखेज: चिकन के ‘लेग पीस’ को लेकर हुए मामूली विवाद में चली गोली।
  • शिकार: 45 वर्षीय ऑटो ड्राइवर रंजीत दास की मौके पर ही मौत।
  • वारदात: बिदुपुर के खिलवत बजरंगबली चौक के पास होली पार्टी के दौरान हुआ हमला।
  • पुलिस एक्शन: बिदुपुर पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी।

वैशाली: बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिदुपुर थाना क्षेत्र में होली के जश्न के दौरान महज एक ‘चिकन लेग पीस’ के लिए एक शख्स की जान ले ली गई। पार्टी में शुरू हुई मामूली कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने सरेआम पिस्टल निकालकर ऑटो ड्राइवर के सीने में गोली दाग दी।

पार्टी, प्लेट और फिर ‘मौत’ का तांडव

​घटना बिदुपुर के खिलवत बजरंगबली चौक के समीप की है। जानकारी के अनुसार, होली के दिन कुछ लोग मिलकर पार्टी कर रहे थे।

  • विवाद की जड़: खाने के दौरान ‘लेग पीस’ परोसने या खाने को लेकर रंजीत दास और अन्य युवकों के बीच बहस छिड़ गई।
  • खूनी अंत: देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। पार्टी में शामिल एक सिरफिरे ने आव देखा न ताव और रंजीत के सीने को निशाना बनाकर गोली चला दी। रंजीत वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

अस्पताल पहुँचने से पहले थमीं सांसें

​गोली चलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग आनन-फानन में घायल रंजीत दास को लेकर बिदुपुर CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुँचे।

  1. डेथ रिपोर्ट: अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही रंजीत को मृत घोषित कर दिया।
  2. मृतक की पहचान: 45 वर्षीय रंजीत दास, दाउदनगर मदारीपुर के चन्देश्वर दास के पुत्र थे और पेशे से ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

पुलिस की कार्रवाई और दहशत का माहौल

​सूचना मिलते ही बिदुपुर थाने की पुलिस अस्पताल और घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​”एक मामूली बात पर इस तरह की जघन्य वारदात होना चौंकाने वाला है। हम चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं और आरोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी।” — स्थानीय पुलिस अधिकारी

VOB का नजरिया: जान की कीमत ‘लेग पीस’ से भी कम?

​वैशाली की यह घटना समाज की गिरती सहनशीलता का जीता-जागता उदाहरण है। आखिर कोई इतना हिंसक कैसे हो सकता है कि मांस के एक टुकड़े के लिए किसी का सुहाग उजाड़ दे और बच्चों के सिर से पिता का साया छीन ले? शराबबंदी वाले राज्य में त्योहारों पर होने वाली इन पार्टियों में हथियारों और नशे का कॉकटेल ही ऐसी वारदातों की असली वजह है।

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